नगर निगम का फैसला: हाउस टैक्स में सीमित बढ़ोतरी, कई छूट लागू

हाउस टैक्स में बड़ी राहत: 10–15% ही बढ़ेगा कर, पुराने मकानों को ज्यादा छूट
गाजियाबाद। शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। ने 1 अप्रैल 2024 से लागू नई मासिक किराया दरों के बीच हाउस टैक्स को लेकर बड़ी राहत देने वाले फैसले किए हैं। नगर निगम का दावा है कि नई दरों के बावजूद आम लोगों पर टैक्स का बोझ सीमित रखा गया है और विभिन्न छूटों के माध्यम से करदाताओं को राहत दी जा रही है।
नगर निगम मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महापौर , विधायक , नगर आयुक्त और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एस.के. राय ने संयुक्त रूप से इन निर्णयों की जानकारी दी।
नगर आयुक्त ने प्रेजेंटेशन के जरिए बताया कि 2024 से पहले की दरों को आधार बनाकर जब नई दरों पर सभी छूट लागू की जाएगी, तब आवासीय भवनों पर प्रभावी हाउस टैक्स में केवल 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि होगी। बिना किसी छूट के भी यह वृद्धि अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही सीमित रहेगी। इसका सीधा मतलब है कि नई दरों के बावजूद आम करदाताओं को ज्यादा आर्थिक दबाव का सामना नहीं करना पड़ेगा।
नगर निगम ने भवनों की उम्र के आधार पर दी जाने वाली छूट को भी जारी रखा है, जिससे पुराने मकानों के मालिकों को विशेष लाभ मिलेगा। 10 वर्ष तक पुराने भवनों पर एआरवी में 25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। 10 से 20 वर्ष तक के भवनों पर 32.5 प्रतिशत और 20 वर्ष से अधिक पुराने भवनों पर 40 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। इससे बड़ी संख्या में ऐसे परिवारों को राहत मिलेगी, जिनके मकान पुराने हैं और जिन पर टैक्स का भार अधिक पड़ता था।
इसके अलावा डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन हाउस टैक्स जमा करने पर 2 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। वहीं स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कूड़ा पृथक्करण करने वाले नागरिकों को 10 प्रतिशत तक की अतिरिक्त छूट का लाभ मिलेगा। यह कदम न केवल आर्थिक राहत देगा बल्कि शहर को साफ-सुथरा बनाने में भी मदद करेगा।
बकायेदार करदाताओं के लिए भी नगर निगम ने राहत का रास्ता खोला है। 3 महीने तक 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज को माफ कर दिया गया है। इसके साथ ही 20 प्रतिशत की विशेष छूट की अवधि को भी तीन माह के लिए बढ़ा दिया गया है। इससे उन लोगों को बड़ा फायदा होगा, जो किसी कारणवश समय पर टैक्स जमा नहीं कर पाए थे।
नगर आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन करदाताओं ने पहले ही बढ़ी हुई दरों के अनुसार टैक्स जमा कर दिया है, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। उनकी अतिरिक्त जमा राशि को अगले तीन वर्षों में समायोजित किया जाएगा, जिससे भविष्य में उन्हें कम टैक्स देना पड़ेगा।
महापौर ने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह से जनहित को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इससे शहरवासियों को राहत मिलेगी और वे आसानी से अपना कर जमा कर सकेंगे। वहीं विधायक ने भी नागरिकों से अपील की कि वे इन छूटों का लाभ उठाते हुए समय पर हाउस टैक्स जमा करें, ताकि नगर निगम को विकास कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन मिल सकें।
नगर निगम का मानना है कि इन फैसलों से एक ओर जहां करदाताओं को राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर शहर के विकास कार्यों को भी गति मिलेगी और गाजियाबाद को बेहतर एवं सुव्यवस्थित शहर बनाने में मदद मिलेगी।



