Lucknow:महापौर मामले में कांग्रेस का हमला, कहा- “हाईकोर्ट से बड़ा कोई नहीं”- पार्षद मुकेश सिंह चौहान
“हाईकोर्ट के फैसले ने साफ कर दिया कि कानून और संविधान से ऊपर कोई नहीं है।”

महापौर मामले में कांग्रेस का हमला, कहा- “हाईकोर्ट से बड़ा कोई नहीं”- पार्षद मुकेश सिंह चौहान
लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा लखनऊ महापौर के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगाए जाने के मामले में अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। कांग्रेस पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने इस पूरे प्रकरण को लेकर भाजपा नेतृत्व और नगर निगम प्रशासन पर निशाना साधा है।
कांग्रेस पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने बयान जारी करते हुए कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को न्यायालय के आदेशों का सम्मान करना चाहिए, लेकिन भाजपा का शीर्ष नेतृत्व ही संविधान और संवैधानिक संस्थाओं की अनदेखी करता रहा है, जिसका असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश को नजरअंदाज करना महापौर को भारी पड़ गया। हाईकोर्ट द्वारा वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगाना यह साबित करता है कि न्यायालय से बड़ा कोई नहीं हो सकता।
मुकेश सिंह चौहान ने कहा कि चुनाव न्यायाधिकरण द्वारा निर्वाचित घोषित पार्षद को शपथ दिलाना महापौर की संवैधानिक जिम्मेदारी थी। इसके बावजूद पांच महीने तक शपथ न दिलाना लोकतांत्रिक व्यवस्था और न्यायालय के आदेशों की अवहेलना को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक पार्षद के शपथ ग्रहण का नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान का है। अदालत का यह फैसला उन सभी के लिए संदेश है जो न्यायालय के आदेशों को हल्के में लेते हैं।
“हाईकोर्ट के फैसले ने साफ कर दिया कि कानून और संविधान से ऊपर कोई नहीं है।”



