संस्कृति मंत्रालय एवं “पंख एक पहल फाउंडेशन, उत्तर प्रदेश” की ओर से आयोजित 10 दिवसीय सांस्कृतिक कार्यशाला का हुआ समापन

संस्कृति और लोककला को सहेजने की पहल, 10 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
लखनऊ। संस्कृति मंत्रालय एवं “पंख एक पहल फाउंडेशन, उत्तर प्रदेश” की ओर से आयोजित 10 दिवसीय सांस्कृतिक कार्यशाला का आयोजन सिंधी गर्ल्स इंटर कॉलेज में किया गया। कार्यशाला की अंतिम प्रस्तुति 19 मई को कॉलेज परिसर में की गई ,जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी कला का प्रदर्शन कर सभी को प्रभावित किया
कार्यशाला में लगभग 50 प्रतिभागियों ने वरिष्ठ नृत्यांगना एवं गुरु निधि श्रीवास्तव तथा वरिष्ठ गायिका नीरजा श्रीवास्तव के निर्देशन में लोकगीत एवं लोकनृत्य की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसमें देवी गीत “जगदंबा भवानी आई मोरे अंगना”, झूला नृत्य “हिंडोला झूलन आई सखिया”, कजरी “अरे रामा रिमझिम पड़त फुहार” और मेहंदी गीत “रुचि रुचि पिसे मेंहदिया” जैसी प्रस्तुतियों का अभ्यास कराया गया। प्रतिभागियों ने भावपूर्ण गायन और नृत्य के माध्यम से इन लोक विधाओं को मंच पर जीवंत किया।
नृत्य में सह-निर्देशन अनामिका यादव, दीपा श्रीवास्तव एवं अभय सिंह ने किया, जबकि गायन में रेनू श्रीवास्तव और शिवानी मौर्य ने सहयोग प्रदान किया। वहीं ढोलक पर अंश भारती, हारमोनियम पर प्रेम तथा साइड रिदम पर अशोक कुमार ने संगत देकर प्रस्तुतियों को आकर्षक बनाया।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। संस्था की ओर से नवांकुर कलाकारों को विलुप्त होती लोक कलाओं को सीखने, समझने और उन्हें संरक्षित करने के महत्व से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं प्रधानाचार्य अनीता मैडम ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष अविनाश सैनी, उपाध्यक्ष भरत मेहता, दीपक सोनकर, अर्श श्रीवास्तव, अरविंद, पुनीत चित्रांशी सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।



