दिन-रात मेहनत कर रहे बिजली कर्मी, फिर भी अभद्रता का हो रहे शिकार… फैजुल्लागंज घटना ने खड़े किए कई सवाल

दिन-रात मेहनत कर रहे बिजली कर्मी, फिर भी अभद्रता का शिकार… फैजुल्लागंज घटना ने खड़े किए कई सवाल
रितेश श्रीवास्तव-ऋतुराज
लखनऊ के फैजुल्लागंज क्षेत्र में बिजली कटौती को लेकर बिजली विभाग के कर्मचारियों के साथ अभद्रता किए जाने की घटना ने एक गंभीर बहस को जन्म दे दिया है। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती बिजली मांग के बीच जहां विभाग के कर्मचारी दिन-रात फील्ड में रहकर व्यवस्था संभालने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर आम जनता का गुस्सा सीधे कर्मचारियों पर निकल रहा है।
राजधानी में इस समय बिजली व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विभाग द्वारा वर्टिकल सिस्टम लागू किया गया है। लगातार फॉल्ट, ओवरलोडिंग और ट्रिपिंग की समस्याओं के बीच कर्मचारी 24 घंटे काम कर रहे हैं। कई कर्मचारी रातभर लाइन दुरुस्त करने और सप्लाई बहाल करने में लगे रहते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें जनता के आक्रोश और अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार, बिजली विभाग में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की संख्या में भारी कमी भी संकट का बड़ा कारण बनी है। जीईएम (GeM) व्यवस्था लागू होने के बाद बड़ी संख्या में आउटसोर्स कर्मचारियों को काम से हटा दिया गया, जिससे जमीनी स्तर पर मैनपावर की भारी कमी हो गई। इसका सीधा असर शिकायतों के निस्तारण और फॉल्ट सुधार कार्य पर पड़ा है।

इसी बीच उत्तरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. नीरज बोरा ने भी बिजली कटौती और अव्यवस्था को गंभीरता से लेते हुए ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने संबंधित अधिशासी अभियंता और अधीक्षण अभियंता को तलब कर तत्काल समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए।
बिजली विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि—
- भीषण गर्मी में लगातार ओवरलोडिंग हो रही है।
- कर्मचारियों की संख्या कम होने से कार्य का दबाव कई गुना बढ़ गया है।
- फील्ड में काम कर रहे कर्मियों की सुरक्षा और सम्मान भी जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जनता की परेशानी अपनी जगह सही है, लेकिन बिजली कर्मियों के साथ अभद्रता किसी भी स्थिति में उचित नहीं कही जा सकती। जो कर्मचारी धूप, गर्मी और जोखिम के बीच व्यवस्था बहाल करने में लगे हैं, उन्हें सहयोग और सुरक्षा मिलनी चाहिए।
मुख्य अभियंता (जोन-जानकीपुरम) वी.पी. सिंह द्वारा जारी पत्र के अनुसार, 17 और 18 मई की रात अचानक तापमान बढ़ने से क्षेत्र में स्थित 630 केवीए ट्रांसफार्मर पर अत्यधिक लोड आ गया, जिससे बार-बार फ्यूज उड़ने की समस्या पैदा हुई। इसके कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि कुछ लोगों द्वारा उपकेंद्र पहुंचकर उपद्रव किया गया और कर्मचारियों को काम करने से रोका गया। जबकि दूसरी ओर अधिकारी और कर्मचारी पूरी रात मौके पर मौजूद रहकर आपूर्ति बहाल करने में जुटे रहे। पुलिस की मदद से स्थिति को नियंत्रित किया गया और सप्लाई सामान्य कराई गई।
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भीषण गर्मी में ओवरलोडिंग लगातार बढ़ रही है। कई जगह एबीसी और एलटी लाइनें भी शॉर्ट हो रही हैं। इसके बावजूद फील्ड कर्मचारी रात-दिन मेहनत करके फॉल्ट सुधारने और सप्लाई बहाल करने में लगे हुए हैं।




