लखनऊ

लखनऊ: नालों और सड़कों पर अतिक्रमण ने रोक दी शहर की सांसें-

अब बड़े नालों पर डालिए नजर… अतिक्रमण ने रोक दी शहर की सांस!

रितेश श्रीवास्तव-ऋतुराज-स्टार न्यूज़ भारत

लखनऊ में बरसात से पहले बड़े नालों और ड्रेनेज सिस्टम की सच्चाई एक बार फिर सामने आने लगी है। राजधानी के कई प्रमुख नाले आधे से ज्यादा हिस्से तक अतिक्रमण की चपेट में हैं। कहीं पक्के निर्माण कर दिए गए, तो कहीं दुकानों, मकानों और अस्थायी ढांचों ने नालों को ढक लिया है।

स्थिति यह है कि जिन नालों से बरसाती पानी का तेज बहाव होना चाहिए, वहां पानी निकलने की जगह ही नहीं बची। ऊपर से कूड़ा, प्लास्टिक और मलबा अलग जमा है। नतीजा— हर बारिश में सड़कें तालाब बन जाती हैं और लोग घंटों जाम व जलभराव से जूझते हैं।

नगर निगम और संबंधित विभाग हर साल “नाला सफाई अभियान” चलाने का दावा करते हैं, लेकिन सवाल यह है कि जब नालों पर स्थायी अतिक्रमण बना हुआ है, तो केवल सिल्ट निकालने से समस्या कैसे खत्म होगी?

राजधानी के कई इलाकों में बड़े नाले पूरी तरह ढके हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से अतिक्रमण बढ़ता गया, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने समय रहते कार्रवाई नहीं की। अब हालत यह हो गई है कि कई नालों का वास्तविक आकार तक दिखाई नहीं देता।

ग्रेटर लखनऊ जनकल्याण महासमिति ने नगर आयुक्त से मांग की है खुले नालों की नियमित मॉनिटरिंग कराई जाएनालों पर हुए अवैध निर्माण हटाए जाएं। बरसात से पहले सिर्फ खानापूर्ति नहीं, स्थायी समाधान हो।नालों में कूड़ा फेंकने वालों पर सख्त जुर्माना लगाया जाए।

सबसे बड़ा खतरा यह है कि यदि समय रहते बड़े नालों को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया, तो मानसून में जलभराव की स्थिति और भयावह हो सकती है।

लखनऊ को स्मार्ट सिटी बनाने की बात तब ही सार्थक होगी, जब शहर का ड्रेनेज सिस्टम खुला और व्यवस्थित रहेगा।

नाले सिर्फ पानी निकासी का रास्ता नहीं, शहर की सांस हैं… और अतिक्रमण ने इन्हीं सांसों को जाम कर दिया है।”

राजधानी लखनऊ के जोन 4 स्थित विभूति खंड में ,बन रहे नए ताज होटल व, बैंक ऑफ बड़ौदा के पास अतिक्रमण है साथ हीं नगर निगम जोन 3 की बात करे तो कुर्सी रोड पर बायोटेक पार्क से लेकर रिसर्च सेंटर के आगे तक पूरा नाला पटा पड़ा है और 500 से ज्यादा दुकाने फुटपाथ पर नगर निगम जोन 3 की मिली भगत से लगती है- वही जोन 7 में भी मुंशी पुलिया मेट्रो स्टेशन की तरफ भी नगर निगम की इनायत जारी है- हलाकि छोटे बड़े नाला सफ़ाई के खेल में अभियंत्रण व आर आर विभाग का बड़ा खेल होता है- नाले कागजो में साफ है लेकिन घरातल पर गंदगी भरा है।

लखनऊ नगर आयुक्त निरीक्षण तो कर रहे लेकिन उनके मातहत ही पलीता लगाते है-मंगलवार को गौरव कुमार व अपर डॉ अरविंद राव ने कई जोनों में निरीक्षण किया हलाकि ट्रांसफर स्टेशन की प्रगति देख बहुत खुश नही हुए नगर आयुक्त फिलहाल अधिकारियों को सख्त हिदायत दे दी है कि कार्य कुशलता व मानक के अनुरूप ही कराया जाय।

Related Articles

Back to top button