Lucknow:एलडीए अपार्टमेंटों की फायर सेफ्टी सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, समाजसेवी विवेक शर्मा ने ट्वीट कर अधिकारियों को घेरा

एलडीए अपार्टमेंटों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, समाजसेवी विवेक शर्मा ने ट्वीट कर अधिकारियों को घेरा
रितेश श्रीवास्तव-ऋतुराज
लखनऊ। राजधानी के एलडीए अपार्टमेंटों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सृष्टि अपार्टमेंट के निवासी एवं समाजसेवी विवेक शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट कर लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के अभियंताओं और यांत्रिक विभाग की कार्यशैली पर तीखा हमला बोला है।
विवेक शर्मा ने आरोप लगाया कि एलडीए के कई अभियंता वर्षों से एक ही कुर्सी पर जमे हुए हैं और उन्होंने “यांत्रिक विभाग को तांत्रिक विभाग” बना दिया है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि अब ऐसा लगने लगा है मानो अपार्टमेंटों की सुरक्षा अग्निशामक यंत्रों से नहीं बल्कि “झाड़-फूंक और दुआओं” से होगी।
समाजसेवी विवेक शर्मा ने अपने ट्वीट में आरोप लगाया कि कई अपार्टमेंटों में लगे फायर इंस्टीग्यूशर एक्सपायर हो चुके हैं, कई जगह यंत्र गायब हैं और धुआं उगलने वाली मोटरों की मरम्मत तक नहीं कराई गई। इसके बावजूद जिम्मेदार अभियंता निरीक्षण करने तक नहीं पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों पर हजारों लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, वे केवल कागजी कार्यवाही और व्यस्तता दिखाने में लगे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जब एलडीए की अधिकांश व्यवस्थाएं डिजिटल हो रही हैं, तो अग्नि सुरक्षा उपकरणों की मॉनिटरिंग भी डिजिटल तरीके से होनी चाहिए। साथ ही अपार्टमेंटों में नियमित रूप से वास्तविक मॉक ड्रिल कराई जाए, न कि केवल कागजी खानापूर्ति की जाए।
विवेक शर्मा ने मांग की कि एलडीए के सभी अपार्टमेंटों का किसी निष्पक्ष थर्ड पार्टी एजेंसी से “सेफ्टी ऑडिट” कराया जाए और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते अग्नि सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। लोगों ने आरोप लगाया कि अपार्टमेंटों में रहने वाले परिवार लगातार डर और असुरक्षा के माहौल में जीवन यापन कर रहे हैं।
अब देखना होगा कि स्टार न्यूज़ भारत की इस खबर के बाद एलडीए प्रशासन हरकत में आता है या फिर सुरक्षा व्यवस्था केवल फाइलों और निरीक्षण रिपोर्टों तक ही सीमित रह जाती है।



