लखनऊ

लखनऊ-मंत्री के निरीक्षण में खुली गंदे शौचालय की पोल! पर छोटे कर्मचारियों पर एक्शन, बड़े अधिकारियों पर चुप्पी-पर्यवारण के अधिकारी सुरक्षित

लखनऊ में सफाई पर सख्ती या पक्षपात? शौचालय में गंदगी पर भी बड़े अफसरों पर कार्रवाई नहीं

जोन-7 में औचक निरीक्षण: गंदगी पर कार्रवाई, लेकिन बड़े जिम्मेदारों पर खामोशी!

📍 | 04 अप्रैल 2026

राजधानी लखनऊ में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर प्रभारी मंत्री और महापौर ने जोन-7 के कई वार्डों में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान भूतनाथ, इंदिरा नगर, स्माइलगंज और बाबू जगजीवन राम वार्ड में सफाई व्यवस्था की हकीकत सामने आई।

निरीक्षण के दौरान भूतनाथ मेट्रो स्टेशन के नीचे बने सार्वजनिक शौचालय का जायजा लिया गया, जहां गंदगी मिलने पर मंत्री ने नाराजगी जताई। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि स्वच्छ भारत मिशन (SBM) और पर्यावरण से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई

“बड़ों पर रहम, छोटों पर करम”
जहां एक तरफ सफाई कर्मियों, बीट इंचार्ज और एजेंसियों पर जुर्माना व निलंबन की कार्रवाई की गई, वहीं दूसरी ओर शौचालय व्यवस्था के लिए जिम्मेदार बड़े अधिकारियों पर कोई सख्ती नजर नहीं आई। इससे कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

कई जगहों पर सख्त कार्रवाई

  • भूतनाथ में सफाई न मिलने पर वेतन कटौती और 50 हजार जुर्माना
  • इंदिरा नगर में गंदगी पर 1 लाख का जुर्माना
  • स्माइलगंज में बीट इंचार्ज निलंबित, एजेंसी पर जुर्माना

मंत्री और महापौर का बयान

मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी। वहीं महापौर सुषमा खर्कवाल ने सफाई व्यवस्था को और मजबूत करने की बात कही।


बड़ा सवाल

मंत्री के सामने शौचालय में गंदगी मिलने के बावजूद पर्यावरण अभियंता या संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं?
क्या कार्रवाई सिर्फ छोटे कर्मचारियों तक ही सीमित रहेगी?


 

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