स्मार्ट प्री-पेड मीटर पर उठे सवाल, उपभोक्ताओं की बढ़ती परेशानी को लेकर ग्रेटर लखनऊ ने ऊर्जा मंत्री से की शिकायत

स्मार्ट प्री-पेड मीटर पर उठे सवाल, उपभोक्ताओं की बढ़ती परेशानी को लेकर ऊर्जा मंत्री से शिकायत
लखनऊ। प्रदेश में लागू की जा रही स्मार्ट प्री-पेड मीटर व्यवस्था को लेकर अब उपभोक्ताओं की नाराज़गी खुलकर सामने आने लगी है। ग्रेटर लखनऊ जनकल्याण महासमिति के महासचिव विवेक शर्मा ने उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री को पत्र भेजकर इस व्यवस्था में व्याप्त गंभीर खामियों की ओर ध्यान आकर्षित किया है।
पत्र में कहा गया है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अचानक भारी वृद्धि देखने को मिल रही है, जिससे मीटर की सटीकता पर सवाल उठ रहे हैं। इसके साथ ही रिचार्ज करने या पर्याप्त बैलेंस होने के बावजूद कई मामलों में बिजली बहाल नहीं हो रही है, जिससे आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त सूचना दिए उपभोक्ताओं के मीटर को प्री-पेड मोड में बदलकर स्वचालित रूप से बिजली काटी जा रही है, जो न केवल विधिक बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी अनुचित है।
🔴 प्रमुख मांगें
विवेक शर्मा ने सरकार से निम्नलिखित मांगें की हैं—
- स्मार्ट मीटर सॉफ्टवेयर और बिलिंग प्रणाली की निष्पक्ष थर्ड पार्टी से जांच कराई जाए
- तकनीकी खामियां दूर होने तक इस व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू करने पर रोक लगाई जाए
- भुगतान के बाद भी बिजली चालू न होने पर संबंधित डिस्कॉम पर दंडात्मक कार्रवाई हो और उपभोक्ता को मुआवजा मिले
- गर्मी के मौसम को देखते हुए जिला स्तर पर “स्मार्ट मीटर कंट्रोल रूम” स्थापित किए जाएं
📢 सरकार से उम्मीद
महासमिति ने आशा जताई है कि प्रदेश सरकार जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इस व्यवस्था में सुधार के लिए त्वरित और ठोस कदम उठाएगी।
इस संबंध में पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री और को भी भेजी गई है।
👉 सवाल बड़ा है: क्या स्मार्ट मीटर व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए राहत बनेगी या परेशानी का कारण? आने वाले समय में सरकार की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।



