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लखनऊ;आईटी सिटी में 100 करोड़ से बदलेगी गांवों की सूरत, प्रथमेश कुमार ने धीमे काम पर कसा शिकंजा:कई कर्मचारियो को प्रतिकूल जारी

25 सड़कों का निर्माण, लेकिन अब तक सिर्फ 3 पर गिट्टी! एलडीए उपाध्यक्ष ने तीन सहायक अभियंताओं को दी प्रतिकूल प्रविष्टि, रेवेन्यू इंस्पेक्टर कार्यमुक्त

आईटी सिटी में 100 करोड़ से बदलेगी गांवों की सूरत, प्रथमेश कुमार ने धीमे काम पर कसा शिकंजा

25 सड़कों का निर्माण, लेकिन अब तक सिर्फ 3 पर गिट्टी! एलडीए उपाध्यक्ष ने तीन सहायक अभियंताओं को दी प्रतिकूल प्रविष्टि, रेवेन्यू इंस्पेक्टर कार्यमुक्त

लखनऊ। आईटी सिटी योजना में शामिल गांवों की तस्वीर बदलने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने करीब 100.71 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की तैयारी की है। लेकिन करोड़ों के विकास कार्यों के बीच निर्माण की सुस्त रफ्तार ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालात का जायजा लेने पहुंचे एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने मौके पर काम की प्रगति देखी तो सख्त रुख अपनाया। उन्होंने लापरवाही पर कार्रवाई करते हुए तीन सहायक अभियंताओं को प्रतिकूल प्रविष्टि देने और आउटसोर्सिंग पर तैनात रेवेन्यू इंस्पेक्टर को कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए।

100 करोड़ का विकास, फिर रफ्तार इतनी धीमी क्यों?

आईटी सिटी योजना में आने वाले गांवों और मजरों में सड़क, सीवर, पेयजल, वॉटर लाइन और ड्रेनेज जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जानी हैं। इसके लिए कुल 40 टेंडर किए जा चुके हैं। इनके माध्यम से 25 सड़कों का निर्माण और दो सेक्टरों में विकास कार्य कराया जा रहा है।

लेकिन निरीक्षण में सामने आया कि 25 सड़कों में से अब तक सिर्फ तीन पर ही गिट्टी डालने यानी गैन्युलर सब-बेस का काम हुआ है। इस धीमी प्रगति पर प्रथमेश कुमार ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को काम में तेजी लाने की सख्त हिदायत दी।

प्रथमेश कुमार का एक्शन, तीन अभियंताओं को प्रतिकूल प्रविष्टि

विकास कार्यों में सुस्ती को गंभीरता से लेते हुए एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने सहायक अभियंता विनीत शर्मा, गौरव सिंह और उर्वशी श्रीवास्तव को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। वहीं, योजना के कार्यों के लिए आउटसोर्सिंग पर तैनात रेवेन्यू इंस्पेक्टर सूर्य प्रकाश को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया।

डिजाइन, ड्राइंग और एस्टिमेट समय से प्रस्तुत नहीं करने पर आर्किटेक्ट एएनबी पर प्रति एकड़ एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों और अभियंताओं को एक महीने के भीतर व्यवस्था सुधारने का अल्टीमेटम दिया है।

1465 किसानों को मिले 2197 भूखंड

आईटी सिटी योजना में लैंड पूलिंग नीति के तहत जमीन देने वाले किसानों और भू-स्वामियों को योजना के भीतर विकसित भूखंड आवंटित किए जा रहे हैं। अब तक 1465 किसानों को 2197 भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। ये भूखंड सेक्टर-9, 15, 16, 17, 18 और 30 में दिए गए हैं।

प्रथमेश कुमार ने निर्देश दिया कि इन सेक्टरों में विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए, ताकि भूखंड पाने वाले किसानों को जरूरी सुविधाओं के लिए इंतजार न करना पड़े।

सात गांव और दस मजरों को मिलेगा फायदा

योजना के तहत पहाड़नगर टिकरिया, मोहारी खुर्द, मोहारी कलां, रकीबाबाद, सिकंदरपुर अमोलिया, परेहटा और सिद्धपुरा सहित आसपास के दस मजरों में सड़क, सीवर, पेयजल और ड्रेनेज की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस पूरे काम पर करीब 100.71 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं।

जलभराव के लिए काटी गई सड़कें भी एक महीने में होंगी ठीक

बरसात के दौरान आबादी वाले क्षेत्रों में जलभराव की समस्या सामने आने पर पानी निकालने के लिए कुछ स्थानों पर सड़कें काटी गई थीं। निरीक्षण के दौरान प्रथमेश कुमार ने इन सड़कों को भी एक महीने के भीतर दुरुस्त कर पुनर्स्थापित करने के निर्देश दिए।

अब निगाहें एक महीने की समयसीमा पर

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निरीक्षण और कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या 100 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य अब जमीन पर रफ्तार पकड़ेंगे? तीन अभियंताओं को प्रतिकूल प्रविष्टि, एक कर्मचारी को कार्यमुक्त करने और आर्किटेक्ट पर जुर्माने जैसी कार्रवाई के बाद अधिकारियों के सामने काम पूरा करने की चुनौती है।

अब देखना होगा कि एक महीने के अल्टीमेटम में आईटी सिटी के गांवों को विकास की वास्तविक रफ्तार मिलती है या फिर करोड़ों की योजना कागजी प्रगति के दावों में ही उलझी रहती है।

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