लखनऊ:कमता में डग्गामार वाहनों पर शिकंजा, रोडवेजकर्मियों की हुंकार के बाद जागा परिवहन विभाग
ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को भेजा गया पत्र

कमता में डग्गामार वाहनों पर शिकंजा, रोडवेजकर्मियों की हुंकार के बाद जागा परिवहन विभाग

रितेश श्रीवास्तव-ऋतुराज | लखनऊ
लखनऊ के कमता स्थित अवध बस स्टेशन के आसपास अवैध डग्गामार वाहनों के संचालन पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और परिवहन विभाग ने संयुक्त अभियान शुरू कर दिया है। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में एआरटीओ की टीम कार्रवाई कर रही है। रोडवेजकर्मियों के विरोध और चक्काजाम के बाद इस कार्रवाई को अहम माना जा रहा है।
राष्ट्रीयकृत मार्गों पर निजी वाहनों के अवैध संचालन को लेकर रोडवेज के ड्राइवरों और कंडक्टरों ने मंगलवार को विरोध जताया था। कर्मचारियों का आरोप था कि परिवहन विभाग की नाक के नीचे डग्गामार वाहन खुलेआम सवारियां भर रहे हैं। इससे रोडवेज की आय प्रभावित हो रही है और सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंच रहा है।
रोडवेजकर्मियों की हुंकार के बाद हरकत में आया विभाग
कमता क्षेत्र में निजी वाहनों के संचालन को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। रोडवेजकर्मियों के सड़क पर उतरने और चक्काजाम करने के बाद विभागीय कार्रवाई तेज होती दिखाई दे रही है। अब कमता में पुलिस और एआरटीओ की संयुक्त टीम अभियान चलाकर अवैध संचालन पर रोक लगाने में जुटी है।
ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को भेजा गया पत्र
इस मामले में परिवहन निगम के अपर प्रबंध निदेशक ने ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को पत्र भेजकर व्यापक कार्रवाई की मांग की है। पत्र में राष्ट्रीयकृत मार्गों पर अवैध निजी बसों और डग्गामार वाहनों के संचालन को रोकने के लिए सभी प्रमुख पिकिंग पॉइंट पर वृहद अभियान चलाने की बात कही गई है।
मांग है कि उन स्थानों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाए, जहां से अवैध वाहन सवारियां भरकर राष्ट्रीयकृत मार्गों पर संचालित होते हैं। इससे रोडवेज बसों को मिलने वाली सवारियों पर असर पड़ने के साथ परिवहन व्यवस्था को भी चुनौती मिल रही है।
सवाल अब कार्रवाई की निरंतरता पर
कमता में अभियान शुरू होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि कार्रवाई केवल कुछ घंटों या दिनों तक सीमित रहेगी, या फिर अवैध वाहन संचालन पर स्थायी अंकुश लगाया जाएगा। रोडवेजकर्मी लंबे समय से इस समस्या पर प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
अब निगाहें परिवहन विभाग और पुलिस की कार्रवाई पर हैं। यदि सभी प्रमुख पिकिंग पॉइंट पर नियमित निगरानी और प्रभावी प्रवर्तन किया जाता है, तो राष्ट्रीयकृत मार्गों पर अवैध डग्गामार वाहनों के संचालन पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।



