उत्तर प्रदेशलखनऊ

“रोबोट बनकर काम कर रहे कर्मचारी” : वसूली के अंतिम 3 दिन और जनगणना ड्यूटी ने बढ़ाई नगर निगम की चुनौती

“रोबोट बनकर काम कर रहे कर्मचारी” : वसूली के अंतिम 3 दिन और जनगणना ड्यूटी ने बढ़ाई नगर निगम की चुनौती

लखनऊ। नगर निगम में इन दिनों हालात ऐसे हैं कि अधिकारी और कर्मचारी “रोबोट की तरह” लगातार काम करने को मजबूर नजर आ रहे हैं। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब महज 3 दिन शेष हैं और नगर आयुक्त की सख्ती के बाद सभी जोंनल अधिकारी व राजस्व निरीक्षक (आरआई) हाउस टैक्स वसूली में पूरी ताकत झोंके हुए हैं।

जोनवार लक्ष्य को पूरा करने के लिए सुबह से देर रात तक फील्ड में डटे कर्मचारी बकायेदारों से संपर्क कर रहे हैं, नोटिस दे रहे हैं और हर संभव तरीके से राजस्व बढ़ाने में जुटे हैं। लेकिन इसी बीच एक नई चुनौती सामने आ गई है—जनगणना ड्यूटी

जनगणना ड्यूटी से बढ़ी परेशानी

नगर निगम के कई कर्मचारी और अधिकारी आगामी जनगणना कार्य में लगाए जा रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब वसूली के लिए अंतिम 3 दिन बेहद महत्वपूर्ण हैं, तो जनगणना की ड्यूटी के साथ दोनों जिम्मेदारियां कैसे निभाई जाएंगी?

अधिकारियों का कहना है कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, जिसमें पूरी गंभीरता से भाग लेना अनिवार्य है। लेकिन दूसरी ओर नगर निगम की आय का प्रमुख स्रोत हाउस टैक्स है, जिसकी वसूली प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है।

जनगणना क्यों है महत्वपूर्ण?

जनगणना देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक कवायदों में से एक मानी जाती है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की जानकारी एकत्र की जाती है।

  • इससे सरकार को आबादी, शिक्षा, रोजगार, आवास और आर्थिक स्थिति का डेटा मिलता है
  • योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने और संसाधनों के सही वितरण में मदद मिलती है
  • शहरी विकास, स्वास्थ्य सेवाओं और आधारभूत सुविधाओं की योजना बनाने में अहम भूमिका होती है

जनगणना के लिए बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों को फील्ड में लगाया जाता है, जिनमें नगर निगम के कर्मचारी भी शामिल होते हैं।

दोहरी जिम्मेदारी से बढ़ा दबाव

नगर निगम के जोंनल अधिकारी और आरआई इस समय दोहरी जिम्मेदारी के दबाव में हैं। एक ओर वसूली का लक्ष्य है, जिसे हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, वहीं दूसरी ओर जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी भी सौंपी जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, कई क्षेत्रों में कर्मचारी दिन में जनगणना से जुड़ी तैयारियों में और शाम को वसूली अभियान में जुटे नजर आ रहे हैं।

अधिकारियों की चुनौती

नगर निगम के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि यदि अंतिम दिनों में पूरी ताकत वसूली पर नहीं लग पाई, तो तय लक्ष्य प्रभावित हो सकता है। हालांकि अधिकारी यह भी दावा कर रहे हैं कि टीम हर स्थिति में संतुलन बनाकर काम कर रही है और लक्ष्य हासिल करने का प्रयास जारी रहेगा।

बड़ा सवाल

क्या नगर निगम के कर्मचारी दोनों जिम्मेदारियों को एक साथ निभाते हुए वसूली लक्ष्य पूरा कर पाएंगे? या फिर जनगणना ड्यूटी का असर राजस्व कलेक्शन पर पड़ेगा?

👉 फिलहाल, अगले 3 दिन नगर निगम के लिए बेहद अहम हैं—यही तय करेंगे कि लक्ष्य पूरा होगा या नहीं।

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