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Lucknow:सीमैप का 67वां स्थापना दिवस: एमओयू से आयुष अनुसंधान और एमएसएमई को मिला नया बल

सीमैप का 67वां स्थापना दिवस: एमओयू से आयुष अनुसंधान और एमएसएमई को मिला नया बल

लखनऊ। सीएसआईआर-केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीमैप) ने उत्साह और नव संकल्प के साथ अपना 67वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया और संस्थान की उपलब्धियों पर चर्चा की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। डॉ. संजय कुमार ने संस्थान की गतिविधियों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि डॉ. अनिल कुमार त्रिपाठी (निदेशक, आईआईएसईआर मोहाली) ने “जिज्ञासा, आविष्कार और नवाचार” विषय पर व्याख्यान देते हुए सीमैप के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्थान के प्रयासों से किसानों की आजीविका में सुधार हुआ है और इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।

विशिष्ट अतिथि डॉ. ज्योति यादव ने वैज्ञानिक संस्थानों की भूमिका को राष्ट्रीय विकास और आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण बताया। वहीं संस्थान के निदेशक डॉ. ज़बीर अहमद ने एरोमा मिशन और किसान संपर्क कार्यक्रमों में सीमैप के योगदान को रेखांकित किया।

📌 एमओयू बने मुख्य आकर्षण

कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) किए गए—

केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (सीसीआरएच) के साथ औषधियों की स्थिरता और शेल्फ लाइफ पर संयुक्त शोध।

टीबीआईसी प्लेटफॉर्म के तहत “क्लीन जर्म” हर्बल फ्लोर क्लीनर के व्यावसायीकरण के लिए उद्योग सहयोग।

इस अवसर पर संस्थान की पत्रिका ‘औस विज्ञान’ (अंक-9, 2026) का भी विमोचन किया गया, जिसमें नवीन शोध और गतिविधियों को प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम का समापन डॉ. अरविंद सिंह नेगी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। आयोजन के दौरान संस्थान को किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए भी खोला गया, जिससे विज्ञान और समाज के बीच संवाद को बढ़ावा मिला।

👉 इस आयोजन ने स्पष्ट किया कि सीमैप न केवल अनुसंधान में अग्रणी है, बल्कि किसानों और उद्योगों के साथ मिलकर नवाचार को जमीन तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।

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