Luconow:आईटी सिटी व वेलनेस सिटी में जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक
लखनऊ विकास प्राधिकरण के प्रस्ताव पर शासन ने जारी की अधिसूचना

आईटी सिटी व वेलनेस सिटी में जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक
लखनऊ विकास प्राधिकरण के प्रस्ताव पर शासन जारी की अधिसूचना
मूल भूमि-स्वामी ही लैंड पूलिंग नीति के तहत कर सकेंगे जमीन का करार
लखनऊ विकास प्राधिकरण की आईटी सिटी एवं वेलनेस सिटी योजना के प्रथम चरण में जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी गयी है। एलडीए ने इस सम्बंध में शासन को प्रस्ताव भेजा था। जिस पर शासन ने अधिसूचना जारी करते हुए सम्बंधित क्षेत्रों में भूमि अर्जन प्रक्रिया वर्ष-2013 के भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन अधिनियम की धारा-11 लागू कर दी है। 
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि अधिसूचना जारी होने के बाद अधिसूचित क्षेत्र में बिना जिला कलेक्टर की पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार का भूमि हस्तांतरण, विक्रय अथवा क्रय नहीं किया जा सकेगा। साथ ही प्रभावित भू-स्वामियों एवं स्थानीय निवासियों को अपनी आपत्तियां एवं सुझाव प्रस्तुत करने के लिए 60 दिनों का समय दिया जाएगा। इस अवधि में प्राप्त होने वाली आपत्तियों का निस्तारण जिला कलेक्टर द्वारा सुनवाई के उपरांत किया जाएगा।
उपाध्यक्ष ने बताया कि इन दोनों आवासीय योजनाओं में लैंड पूलिंग, किसानों से सहमति के आधार पर क्रय एवं अर्जन के तहत भूमि जुटाव किया जाना है। वर्तमान मंें लैंड पूलिंग नीति के तहत जमीन के एग्रीमेंट किये जा रहे हैं। इस बीच संज्ञान में आया कि कुछ निवेशक व रियल एस्टेट कारोबारी योजना में विकसित भूखण्ड प्राप्त करने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर कृषि भूमि खरीदने का प्रयास कर रहे हैं। जिससे मूल भू-स्वामियों के हित प्रभावित होने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न होने की आशंका थी। इसे ध्यान में रखते हुए धारा-11 की अनिवार्यता का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। जिस पर शासन ने भूमि की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया है।
मूल भूमि-स्वामियों को मिलेगा लाभ
उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि दोनों योजनाओं में लैंड पूलिंग का विकल्प खुला रहेगा। हालांकि, लैंड पूलिंग नीति के अंतर्गत केवल उन्हीं भू-स्वामियों को लाभ प्राप्त होगा, जिनका नाम वर्तमान में राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। अधिसूचना जारी होने के बाद भूमि खरीदने वाले किसी भी नए व्यक्ति को इसका लाभ नहीं दिया जाएगा।
इन गांवों में लागू हुयी धारा-11
आईटी सिटी योजना में प्रथम चरण में 686.66 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विकास कार्य किये जाएंगे। जिसके लिए तहसील-मोहनलालगंज के अंतर्गत ग्राम-बक्कास, सोनई कंजेहरा, सिकंदरपुर अमोलिया, सिद्धपुरा, परेहटा, पहाड़नगर टिकरिया, रकीबाबाद, मोहारी खुर्द, खुजौली एवं भटवारा की भूमि पर धारा-11 लागू की गयी है। वहीं, वेलनेस सिटी में प्रथम चरण में 485 हेक्टेयर क्षेत्रफल में योजना विकसित की जाएगी। जिसके लिए ग्राम-बक्कास, मलूकपुर ढकवा, चौरहिया, चौरासी, दुलारमऊ, नूरपुर बेहटा एवं मस्तेमऊ की भूमि पर धारा-11 लागू की गयी है।
वर्जन
धारा-11 लागू होने से जमीन की कीमतों में कृत्रिम वृद्धि को रोका जा सकेगा तथा वास्तविक भू-स्वामियों के हितों का संरक्षण सुनिश्चित होगा। साथ ही दोनों परियोजनाओं के नियोजित एवं पारदर्शी विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।
प्रथमेश कुमार, उपाध्यक्ष
लखनऊ विकास प्राधिकरण



