ईफिल विवासा अपार्टमेंट के क्लब हाउस में परोसी गई दारू, बजता रहा डीजे रेजिडेंट्स ने देर रात पार्टी का किया विरोध, पुलिस पहुंची आज 11 बजे क्लब हाउस पर रेजिडेंट देंगे धरना

ईफिल विवासा अपार्टमेंट के क्लब हाउस में परोसी गई दारू, बजता रहा डीजे रेजिडेंट्स ने देर रात पार्टी का किया विरोध, पुलिस पहुंची आज 11 बजे क्लब हाउस पर रेजिडेंट देंगे धरना

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के सुशान्त गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र के इकाना स्टेडियम के पीछे आईटी सिटी स्थित ईफिल विवासा अपार्टमेंट में शनिवार देर रात क्लब हाउस में आयोजित एक पार्टी को लेकर जमकर विवाद हो गया। सोसायटी के निवासियों ने आरोप लगाया कि क्लब हाउस में तेज आवाज में डीजे, शराब पार्टी और डांस का आयोजन किया जा रहा था, जो सोसायटी के नियमों के विरुद्ध है। सूचना पर बड़ी संख्या में निवासी मौके पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। मामले की सूचना 112 पर दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कुछ लोगों को अपने साथ थाने ले गई।

निवासियों का आरोप है कि बिल्डर ने क्लब हाउस को कथित रूप से एक निजी संस्था को लीज पर दे रखा है, जो जन्मदिन समारोह के नाम पर नियमों के विपरीत पार्टियों का आयोजन करा रही है। उनका कहना है कि क्लब हाउस सोसायटी की संपत्ति है और इसे वैधानिक रूप से चुनी गई एसोसिएशन (AOA) को सौंपा जाना चाहिए, लेकिन बिल्डर ऐसा नहीं कर रहा है।
निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि 14 जून को आम सभा में वैधानिक प्रक्रिया के तहत एसोसिएशन का गठन किया गया था, लेकिन बिल्डर उसे मान्यता नहीं दे रहा और एक कथित फर्जी समिति के माध्यम से सोसायटी का संचालन कराने का प्रयास कर रहा है।
सोसायटी के लोगों ने निर्माण गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बेसमेंट में पानी का रिसाव, जगह-जगह कूड़े का अंबार, खराब सीसीटीवी कैमरे, अपर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और सफाई जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। इन मामलों को लेकर रेरा में पहले से मामला भी लंबित बताया जा रहा है।
घटना के बाद निर्वाचित अध्यक्ष शिव गोपाल सिंह ने सभी निवासियों से क्लब हाउस के बाहर एकत्र होकर बिल्डर की कथित मनमानी और गुणवत्ताहीन कार्यों के खिलाफ एकजुट होकर विरोध करने की अपील की है।
इस बीच कुछ निवासियों ने सवाल उठाया है कि यदि क्लब परिसर में शराब परोसी गई थी, तो क्या आयोजकों ने वन डे लिकर लाइसेंस लिया था। यदि ऐसा नहीं है, तो संबंधित आयोजकों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग भी की जा रही है।
हालांकि, बिल्डर और क्लब प्रबंधन की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



