लखनऊ बॉर्डर पर धूल और कूड़े से ‘स्वागत’, प्रदूषण और गंदगी पर चौथी बार समाज सेवी ने उठाई आवाज

लखनऊ बॉर्डर पर धूल और कूड़े का ‘स्वागत’, प्रदूषण पर चौथी बार उठी आवाज
लखनऊ। राजधानी में बढ़ते प्रदूषण और बदहाल सफाई व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। पहले सामने आई रिपोर्ट में जहां शहर की हवा की गुणवत्ता को लेकर चिंता जताई गई थी, वहीं अब जमीनी हालात भी उसी तस्वीर को और गंभीर बना रहे हैं।
कुर्सी रोड और लखनऊ बॉर्डर क्षेत्र में हालात ऐसे हैं कि यहां आने वालों का स्वागत फूलों से नहीं, बल्कि उड़ती धूल और कूड़े के ढेर से हो रहा है। सड़क किनारे टूटे और चटके डिवाइडर, उस पर जमी मिट्टी और उड़ता धूल का गुबार साफ बता रहा है कि सफाई व्यवस्था कितनी लचर हो चुकी है।
इसी मुद्दे को लेकर समाजसेवी विवेक शर्मा ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा—
“लखनऊ बॉर्डर पर स्वागत है…फूलों से नहीं, धूल के गुब्बार और कूड़े से!”
उन्होंने सवाल उठाया कि जब सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तो जमीनी स्तर पर यह बदहाली क्यों नजर आ रही है।
यह उनकी चौथी शिकायत बताई जा रही है, जिसमें उन्होंने प्रदूषण और सफाई व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार विभागों को घेरा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदूषण पर सिर्फ एसी कमरों में बैठकें हो रही हैं, जबकि असल में जनता धूल और प्रदूषण के बीच सांस लेने को मजबूर है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उड़ती धूल के कारण आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत और दमा जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। इसके बावजूद सफाई और धूल नियंत्रण के ठोस इंतजाम नहीं दिख रहे हैं।
📢 बड़ा सवाल:
क्या जिम्मेदार विभाग सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित रहेंगे या जमीनी स्तर पर भी सुधार होगा?
👉 फिलहाल, लगातार शिकायतों के बावजूद हालात जस के तस हैं और लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है।



