लखनऊ

महिलाएं अपने अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति रहें जागरूक: अपर्णा यादव

लखनऊ में हरियाली तीज की धूम, रेनू सिंह के सिर सजा तीज क्वीन का ताज

उम्र सिर्फ एक नंबर, महिलाएं अपने अधिकारों और योजनाओं के प्रति रहें जागरूक: अपर्णा यादव

हरियाली तीज उत्सव में गीत-संगीत और रैंप वॉक की धूम, रेनू सिंह बनीं तीज क्वीन

लखनऊ, संवाददाता। राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने कहा कि उम्र सिर्फ एक नंबर है। महिलाएं समाज में जिस भी भूमिका में हों, उन्हें अपने अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक रहना चाहिए। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की ओर से चलाई जा रही योजनाएं आम लोगों के लिए हैं। महिलाओं को आगे बढ़कर इनका लाभ लेना चाहिए।

अपर्णा यादव शनिवार को इंदिरा नगर स्थित ग्रैंड इन होटल में फाउंडेशन फॉर सोशल हेल्प की ओर से आयोजित हरियाली तीज उत्सव-2026 को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि तीज का त्योहार उत्तर भारत में बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। महिलाओं ने अपनी प्राचीन संस्कृति, व्रत और परंपराओं को जिस तरह सहेजकर रखा है, वह सराहनीय है। उन्होंने सभी महिलाओं को तीज की शुभकामनाएं दीं।

गीत-संगीत और नृत्य से सजा उत्सव

कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। अपर्णा यादव और पार्षद पूजा जसवानी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। भाजपा नेता जिया और नंदिता मिश्रा निर्णायक के रूप में मौजूद रहीं।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में महिलाओं ने गायन, नृत्य और रैंप वॉक में अपनी प्रतिभा दिखाई। श्वेता द्विवेदी की सोलो नृत्य प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। गायन प्रतियोगिता में मोनिका सोनकर और नृत्य प्रतियोगिता में स्नेहा सक्सेना ने पुरस्कार जीता।

रेनू सिंह के सिर सजा तीज क्वीन का ताज

तीज क्वीन प्रतियोगिता में रेनू सिंह विजेता रहीं, जबकि सुप्रिया सिंह सेकंड रनर-अप रहीं। रैंप वॉक में इला, पिंकी, सुधा, मोनिका, आस्था, विजया और रंजीता ने पारंपरिक परिधानों में आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुति दी।

अपर्णा यादव ने प्रतियोगिताओं की विजेता महिलाओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इला मिश्रा और पिंकी वर्मा ने पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया।

कार्यक्रम में श्वेता द्विवेदी, सीमा एरी, आस्था नगर, सुधा तिवारी, रेखा मिश्रा, विजया, पद्मा, प्रीति धवन और अलका श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। सावन के गीतों, नृत्य और पारंपरिक परिधानों के बीच महिलाओं ने तीज की खुशियां साझा कीं और भारतीय संस्कृति को सहेजने का संदेश दिया।

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