लखनऊ

करोड़ों के टेंडर, अरबों का बजट… फिर भी गंदगी से जूझता लखनऊ! क्या सिस्टम फेल या जिम्मेदारों पर मेहरबानी

अधिकारियों की लापरवाही से नगर निगम की साख पर लग रहा बट्टा

करोड़ों के टेंडर, अरबों का बजट… फिर भी गंदगी से जूझता लखनऊ! क्या सिस्टम फेल या जिम्मेदारों पर मेहरबानी? महापौर नाराज

 


रितेश श्रीवास्तव-ऋतुराज

उत्तर प्रदेश की राजधानी एक बार फिर अपनी सफाई व्यवस्था को लेकर सवालों के घेरे में है। करोड़ों रुपये के टेंडर और अरबों के बजट के बावजूद शहर की सड़कों पर फैली गंदगी व्यवस्था की पोल खोल रही है।

शहर में नामी-गिरामी कंपनियों को सफाई व्यवस्था का जिम्मा सौंपा गया है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है। प्रमुख मार्गों से लेकर मोहल्लों तक कूड़े के ढेर और गंदगी साफ-साफ दिखाई दे रही है, जो नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

महापौर की मेहनत पर पानी?

की महिला महापौर ने पद संभालने के बाद से ही साफ-सफाई को प्राथमिकता देते हुए दिन-रात मेहनत की है। उनके प्रयासों का ही नतीजा था कि लखनऊ को स्वच्छता के मामले में देश में तीसरे पायदान तक पहुंचाया गया।

लेकिन अब हालात यह हैं कि अधिकारियों की लापरवाही उनके मंसूबों पर पानी फेरती नजर आ रही है। सवाल यह उठ रहा है कि जब शीर्ष स्तर पर इच्छाशक्ति मजबूत है, तो फिर निचले स्तर पर काम क्यों नहीं हो रहा?

स्वच्छ सर्वेक्षण पर खतरा

सड़कों पर फैली गंदगी का सीधा असर में लखनऊ की रैंकिंग पर पड़ सकता है। जिस शहर ने कड़ी मेहनत से टॉप-3 में जगह बनाई, वही अब फिसलने के कगार पर नजर आ रहा है।

मॉनिटरिंग पर उठे सवाल

स्थिति यह संकेत दे रही है कि निचले स्तर से लेकर उच्च अधिकारियों तक मॉनिटरिंग में कहीं न कहीं बड़ी कमी है। कड़ी कार्रवाई और नियमित निरीक्षण के अभाव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ढीली पड़ती जा रही है।

जिम्मेदारी तय कब?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि करोड़ों खर्च होने के बावजूद शहर गंदगी से क्यों जूझ रहा है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई होगी या फिर यह हालात यूं ही बने रहेंगे?

लापरवाही के चलते महापौर हुई नाराज

लखनऊ में लगातार साफ सफाई ब्यवस्था की खबरों का संज्ञानं लेते हुए महापौर अधिकारियों पर काफी नाराज है उनका कहना है कि उन्होंने मेहनत कर के लखनऊ को देश मे तीसरा स्थान दिलाया है, जो भी अधिकारी लापरवाही करेंगे उन पर सीधा कार्यवाही की जाएगी।

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