कड़े फैसले, तेज विकास और पारदर्शिता: एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के नेतृत्व में बदलती लखनऊ की तस्वीर
अवैध निर्माण पर सख्ती, नई योजनाओं को गति और जनहित के फैसलों से प्रशासनिक कार्यशैली की हो रही सराहना
रितेश श्रीवास्तव-रिपोर्ट
लखनऊ। राजधानी में शहरी विकास और व्यवस्थाओं को सुधारने की दिशा में लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आईएएस अधिकारी प्रथमेश कुमार के कार्यकाल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पदभार संभालने के बाद से उन्होंने विकास कार्यों को गति देने के साथ-साथ अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश की है।
प्राधिकरण में आने के बाद उन्होंने शहर में फैल रही अवैध कॉलोनियों और नियमों के विरुद्ध हो रहे निर्माण पर सख्ती दिखाई। कई स्थानों पर प्रवर्तन टीम के माध्यम से अवैध प्लॉटिंग और निर्माण को ध्वस्त कराया गया, जिससे शहर के सुनियोजित विकास को बढ़ावा मिला।
इसके साथ ही नई आवासीय योजनाओं और नगर विकास से जुड़े प्रोजेक्ट्स को भी तेजी से आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया। आम नागरिकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्राधिकरण की योजनाओं को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार उनकी कार्यशैली में तेजी, पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष ध्यान दिया जाता है। यही कारण है कि शासन स्तर पर भी उनके कार्यों की सराहना की जा रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की प्राथमिकताओं के अनुरूप शहर के विकास और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
शहरी नियोजन को बेहतर बनाने के लिए प्राधिकरण की कार्यप्रणाली में सुधार, परियोजनाओं की निगरानी और विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा है कि इन पहलों से आने वाले समय में लखनऊ के बुनियादी ढांचे और आवासीय विकास को नई दिशा मिल सकती है।
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