लखनऊ नगर निगम में टैक्स वसूली पर नगर आयुक्त गौरव कुमार सख्त, 22 टैक्स इंस्पेक्टरों का वेतन रोकने के निर्देश

लखनऊ नगर निगम में टैक्स वसूली पर नगर आयुक्त गौरव कुमार सख्त, 22 टैक्स इंस्पेक्टरों का वेतन रोकने के निर्देश
राजस्व वसूली में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर जोन-2 से जोन-8 तक के टैक्स इंस्पेक्टर कार्रवाई की जद में; बाढ़ प्रभावित फैजुल्लागंज के आरआई का नाम भी सूची में शामिल होने से उठे सवाल।
लखनऊ। नगर निगम में गृहकर वसूली को लेकर नगर आयुक्त गौरव कुमार ने सख्त रुख अपनाया है। राजस्व वसूली के निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं होने पर सात जोनों के 22 टैक्स इंस्पेक्टरों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी विनय राय ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि राजस्व वसूली में लापरवाही और अपेक्षित प्रदर्शन नहीं होने के चलते नगर आयुक्त ने यह निर्णय लिया है। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि गृहकर वसूली में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बाढ़ की मार झेल रहे वार्ड के आरआई का नाम भी सूची में
इस कार्रवाई में जोन-3 के फैजुल्लागंज वार्ड से जुड़े आरआई विशाल श्रीवास्तव का नाम भी शामिल है। हालांकि, इस मामले का दूसरा पहलू भी है। संबंधित वार्ड में बाढ़ का भीषण प्रकोप रहा, जिसके चलते जलभराव और आपदा जैसी परिस्थितियों में गृहकर वसूली करना आरआई के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा।
स्थानीय परिस्थितियों के कारण जब आम जनजीवन प्रभावित था, तब गृहकर वसूली के कार्य में भी स्वाभाविक रूप से बाधाएं आईं। इसके बावजूद उच्च अधिकारियों की ओर से जारी वेतन रोकने वाली सूची में संबंधित आरआई का नाम शामिल कर दिया गया।
ऐसे में सवाल यह है कि क्या राजस्व वसूली की समीक्षा करते समय क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित वार्डों की स्थिति का भी आकलन किया गया? क्या बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के कर्मचारियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन सामान्य परिस्थितियों वाले वार्डों के समान किया जाना उचित है?
कार्रवाई की सूची पर भी उठ रहे सवाल, लक्ष्य से दूर कई नाम गायब!
नगर निगम में टैक्स वसूली को लेकर की गई कार्रवाई अब चर्चा का विषय बनती दिख रही है। विभागीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं कि जब राजस्व वसूली के लक्ष्य से कोसों दूर रहने वाले कई टैक्स इंस्पेक्टरों के नाम सूची में शामिल नहीं हैं, तो आखिर 22 कर्मचारियों के चयन का आधार क्या रहा? क्या कार्रवाई के लिए सभी जोनों के प्रदर्शन की समान रूप से समीक्षा की गई है? यदि लक्ष्य से काफी पीछे रहने वाले कर्मचारियों के नाम सूची से बाहर हैं, तो जवाबदेही तय करने का पैमाना क्या है?
वहीं, दूसरी ओर बाढ़ प्रभावित फैजुल्लागंज वार्ड के आरआई का नाम भी वेतन रोकने की सूची में शामिल होना समीक्षा प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है।
अब तेज होगा वसूली अभियान
अधिकारियों के मुताबिक अब सभी जोनों में गृहकर वसूली अभियान को गति दी जाएगी। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए राजस्व लक्ष्य पूरा करने पर जोर दिया जाएगा।
नगर आयुक्त की इस कार्रवाई से नगर निगम के टैक्स विभाग में हलचल है। वहीं, फैजुल्लागंज जैसे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के आरआई का नाम सूची में शामिल होने से प्रशासनिक समीक्षा और परिस्थितियों के अनुरूप मूल्यांकन की जरूरत भी चर्चा में है।
इन 22 टैक्स इंस्पेक्टरों की रोकी गई सैलरी
जोन-2
कामेश्वर प्रसाद चौधरी
नमिता सिंह-रोहित सैनी-शुभम यादव
जोन-3-विशाल श्रीवास्तव
जोन-4-अंकिता सक्सेना-राजेश कुमार पांडेय
जोन-5-धीरेंद्र प्रताप सिंह- पीयूष तिवारी-रुचि यादव
जोन-6-अश्वनी कुमार पांडेय-धर्मदेव-रेनू यादव-संगीता गुप्ता
जोन-7 हरि शंकर पांडेय-कंचन सक्सेना-नूपुर यादव-पल्लवी अस्थाना- सौरभ पांडेय
जोन-8-अनुज गौड़- हर्षेंद्र प्रताप सिंह-अंदलिब ज़हरा




