लखनऊ-महापौर और नगर आयुक्त के आदेश पर बाढ़ प्रभावित इलाकों में सफाई अभियान तेज, 54 पंपों से जल निकासी
112 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन से एंटी-लार्वा छिड़काव, 1,350 सफाई कर्मचारी तैनात; 12 टीएमएक्स मशीनों से नालों की सफाई जारी

महापौर और नगर आयुक्त के आदेश पर बाढ़ प्रभावित इलाकों में सफाई अभियान तेज, 54 पंपों से जल निकासी
112 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन से एंटी-लार्वा छिड़काव, 1,350 सफाई कर्मचारी तैनात; 12 टीएमएक्स मशीनों से नालों की सफाई जारी
जोंनल अधिकारी जोन 3 अजीत राय व जोन 6 के जोंनल अधिकारी अमरजीत यादव ने संभाला मोर्चा
(रितेश श्रीवास्तव-ऋतुराज)
लखनऊ। बाढ़ का पानी कम होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में संक्रामक बीमारियों और मच्छरों के प्रकोप को रोकने के लिए नगर निगम लखनऊ ने सफाई, जल निकासी और मच्छर नियंत्रण अभियान तेज कर दिया है। महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार के आदेश व निर्देशों के क्रम में जोन-3 के फैजुल्लागंज और जोन-6 के बाढ़ प्रभावित इलाकों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 54 पंपों से जल निकासी, 112 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन से एंटी-लार्वा छिड़काव और करीब 1,350 सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
बाढ़ के बाद प्रभावित बस्तियों में जमा कीचड़, सिल्ट और मलबा हटाने के साथ नालों व सेप्टिक टैंकों की सफाई, फॉगिंग तथा एंटी-लार्वा छिड़काव कराया जा रहा है। नगर निगम का जोर प्रभावित इलाकों में स्वच्छता बहाल करने और जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाने पर है।
फैजुल्लागंज में 900 कर्मचारी संभाल रहे मोर्चा
जोन-3 के फैजुल्लागंज क्षेत्र में नंदा फॉर्म, संत कबीर नगर, मिल्लत नगर, पुराना दाउदनगर, कैलाश विहार, पावन विहार और लौहरामऊ सहित कई इलाकों में सफाई अभियान चलाया जा रहा है। घैला रोड, मामा कॉलोनी, अन्नपूर्णा नगर, वैष्णोपुरम, पीली कॉलोनी और पतंग मैदान समेत अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी नगर निगम की टीमें सक्रिय हैं।
जल निकासी के लिए 34 डीजल और आठ इलेक्ट्रिक पंप लगाए गए हैं। तीन ड्रोन की मदद से करीब 76 एकड़ क्षेत्र में एंटी-लार्वा छिड़काव कराया गया है। इसके अलावा छह मैकेनिकल और 12 हैंडहेल्ड मशीनों से छिड़काव तथा चार बड़ी और 10 छोटी मशीनों से फॉगिंग की जा रही है।
कीचड़ और मलबा हटाने के लिए दो जेसीबी और तीन हाइवा वाहन लगाए गए हैं। क्षेत्र में लगभग 900 कर्मचारी सफाई व्यवस्था संभाल रहे हैं। सोडियम हाइपोक्लोराइट के छिड़काव के लिए छह ट्रैक्टरों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
जोन-6 में 450 कर्मचारी जुटे, 36 एकड़ में छिड़काव
जोन-6 के सैंथा, हयातनगर, माल रोड, गुलमी खेड़ा, दौलत खेड़ा, तांड खेड़ा, मिश्री की बगिया, हरिनगर और कैटल कैचिंग कॉलोनी सहित बाढ़ प्रभावित इलाकों में भी सफाई और जल निकासी का काम जारी है।
यहां जल निकासी के लिए 12 डीजल पंप लगाए गए हैं। एक ड्रोन की मदद से करीब 36 एकड़ क्षेत्र में एंटी-लार्वा छिड़काव किया गया है। मच्छरों पर नियंत्रण के लिए दो बड़ी और छह छोटी फॉगिंग मशीनों के साथ एंटी-लार्वा मशीनों का उपयोग किया जा रहा है।
जोन-6 में लगभग 450 सफाई कर्मचारी तैनात हैं। मलबा और कीचड़ हटाने के लिए दो बड़ी जेसीबी, छह ट्रैक्टर और दो रोबोट लगाए गए हैं। घर-घर कूड़ा संग्रह के लिए 176 थ्री-व्हीलर, करीब 55 टाटा ऐस वाहन, आठ ट्रैक्टर और आठ मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें भी लगाई गई हैं।
12 टीएमएक्स मशीनों से नालों की सफाई
बाढ़ का पानी उतरने के बाद नालों में जमा सिल्ट और गंदगी को हटाने के लिए जोन-3 और जोन-6 में 12 टीएमएक्स डिसिल्टिंग मशीनों से सफाई कराई जा रही है। जहां जलभराव, कीचड़ और मलबे की समस्या है, वहां विशेष रूप से सफाई कराई जा रही है। सेप्टिक टैंकों की सफाई पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की करीब 22 किलोमीटर गलियों में फॉगिंग कराई गई है। नियमित सफाई, एंटी-लार्वा छिड़काव और मलबा हटाने के जरिए मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
महापौर और नगर आयुक्त ने दिए प्रभावी सफाई के निर्देश
महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी, कूड़ा उठान, नालों व सेप्टिक टैंकों की सफाई तथा मच्छर नियंत्रण के कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएं। जलभराव वाले स्थानों और कीचड़ व सिल्ट से प्रभावित रास्तों की तत्काल सफाई कराकर आवागमन सुचारु बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
निर्देशों के क्रम में नगर निगम की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत और स्वच्छता संबंधी कार्यों में जुटी हैं। नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि जलभराव वाले स्थानों पर कूड़ा न डालें और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें।
अब निगाह इस बात पर रहेगी कि अभियान के बाद बाढ़ प्रभावित बस्तियों में जलभराव, गंदगी और मच्छरों की समस्या से लोगों को कितनी राहत मिलती है।




