नगर निगम में अधिकारियों की सैलरी मिलने पर सस्पेंस, आठ जोन में सिर्फ़ 1 जोनल और 1 टीएस को राहत के आसार ?

: नगर निगम में सैलरी पर सस्पेंस, आठ जोन में सिर्फ़ 1 जोनल और 1 टीएस को राहत?
रितेश श्रीवास्तव-ऋतुराज
लखनऊ। नगर निगम के गलियारों में इन दिनों तनख्वाह को लेकर जबरदस्त काना-फूसी तेज है। खराब प्रदर्शन के आरोप में 14 टैक्स सुपरिंटेंडेंट (टीएस) और कुछ जोनल अधिकारियों की रोकी गई सैलरी को लेकर नया मोड़ आ गया है। सूत्रों की मानें तो आठों जोन में से फिलहाल सिर्फ़ एक जोनल अधिकारी और एक टीएस की पूर्व में रोकी गई सैलरी रिलीज होने की तैयारी है, जबकि बाकी अधिकारियों को अभी इंतजार करना पड़ सकता है।
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि नगर आयुक्त के निर्देश पर परफॉर्मेंस रिव्यू के आधार पर 14 टीएस और कुछ जोनल अधिकारियों का वेतन रोका गया था। अब आंशिक राहत की चर्चा है, लेकिन यह राहत सीमित दायरे में ही दिख रही है। जिन अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है, उनके जवाबों की समीक्षा के बाद ही आगे निर्णय होगा।
121 करोड़ टैक्स जमा करने वाला जोन भी इंतजार में!
नगर निगम सूत्रों के अनुसार, एक जोन ने हाल ही में 121 करोड़ रुपये से अधिक टैक्स वसूली कर रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है। इसके बावजूद उस जोन से जुड़े अधिकारियों की सैलरी पर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। यही वजह है कि अंदरखाने सवाल उठ रहे हैं—जब राजस्व लक्ष्य हासिल हुआ, तो फिर सख्ती क्यों?
अधिकारियों में काना-फूसी
त्योहार के मौसम में वेतन रोके जाने को लेकर अधिकारियों में असंतोष की हल्की सरगर्मी है। दबी जुबान में चर्चा है कि “जब लक्ष्य से ज्यादा वसूली हो रही है और मैदान में दिन-रात मेहनत की जा रही है, तो ऐसे समय वेतन रोकना मनोबल गिराने जैसा है।” हालांकि कोई भी अधिकारी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।
अब आगे क्या होगा?
सूत्र बताते हैं कि जिन अधिकारियों के स्पष्टीकरण संतोषजनक पाए जाएंगे, उनकी सैलरी चरणबद्ध तरीके से रिलीज की जा सकती है। फिलहाल आधिकारिक आदेश का इंतजार है, लेकिन नगर निगम मुख्यालय में इस फैसले को लेकर हलचल तेज है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या प्रदर्शन के आधार पर व्यापक राहत दी जाएगी या फिर अधिकांश अधिकारियों को और इंतजार करना पड़ेगा।
क्या फायदा दिन रात मेहनत करने का
कानाफूसी तो यहां तक है कि सुबह से रात तक नगर निगम के राजस्व के लिए दौड़ भाग करो उसके बावजूद हमारी तनख्वाह ही न मिले तो क्या फायदा किसी से ज्यादा जुर्माना काटने से ,



