उत्तर प्रदेशलखनऊ

लखनऊ-अवैध निर्माण पर सख्ती, जोनल अधिकारियों के तबादले के साथ साथ बढ़ी जिम्मेदारी

अवैध निर्माण पर सख्ती, जोनल अधिकारियों की बढ़ी जिम्मेदारी-जोनल अधिकारियों का बदला कार्य क्षेत्र

लखनऊ विकास प्राधिकरण में प्रवर्तन जोन अधिकारियों की नई तैनाती

रितेश श्रीवास्तव-ऋतुराज

लखनऊ: लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने अवैध निर्माण और भूमि के गलत उपयोग पर रोक लगाने के लिए प्रवर्तन जोन अधिकारियों की नई तैनाती का आदेश जारी किया है। यह आदेश 22 जनवरी 2026 को उपाध्यक्ष एलडीए प्रथमेश कुमार द्वारा जारी किया गया।
जारी आदेश के अनुसार, शहर के अलग–अलग प्रवर्तन जोन में अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि अवैध निर्माण, व्यवसायिक दुरुपयोग और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जा सके।

जोनवार तैनाती इस प्रकार है—
जोन–1: देवांश त्रिवेदी
जोन–2: रवि नन्दन सिंह
जोन–3: संगीता राघव
जोन–4: विराग करवरिया
जोन–5: वन्दना पाण्डेय
जोन–6: प्रभाकर सिंह
जोन–7: माधवेश कुमार

एलडीए ने स्पष्ट किया है कि सभी जोनल अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध निर्माण को रोकने, निरीक्षण करने और जरूरत पड़ने पर सीलिंग व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। साथ ही, नियमों के उल्लंघन में किसी भी कर्मचारी की भूमिका सामने आने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

लखनऊ विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध एवं अनधिकृत निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जोनल स्तर पर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्राधिकरण द्वारा स्पष्ट किया गया है कि अधिनियम की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कार्यवाही करते हुए संस्कृति संरक्षण, योजनाबद्ध विकास और अवैध निर्माण रोकना जोनल अधिकारियों की प्रमुख जिम्मेदारी होगी।

निर्देशों के अनुसार, सभी जोनल अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध निर्माण, अनधिकृत प्लॉटिंग एवं नियमों के उल्लंघन पर सतत निगरानी रखेंगे। निर्माण कार्य प्रारंभ होने से पूर्व मानचित्र स्वीकृति की जांच सुनिश्चित की जाएगी तथा बिना स्वीकृति या स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से कार्यवाही की जाएगी।

जोनल स्तर पर यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि जिन बिल्डिंगों को सील किया गया है, उनकी नियमित समीक्षा की जाए। यदि सील बिल्डिंग में दोबारा कार्य होता पाया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्यवाही भी जोनल अधिकारी द्वारा कराई जाएगी।
अवैध या अनियमित निर्माण के मामलों में संबंधित व्यक्ति को मानचित्र के अनुसार निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। निर्धारित समय में सुधार न होने की स्थिति में अधिनियम के अंतर्गत कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।

इसके साथ ही, धारा-16 के उल्लंघन के मामलों में जोनल अधिकारी सक्षम न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत करने तथा बार-बार उल्लंघन की स्थिति में पुनः विधिक कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होंगे। गंभीर मामलों में धारा-14 के अंतर्गत भी न्यायालयी कार्यवाही कराई जाएगी।

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि जोनल अधिकारी अपने क्षेत्र में प्रवर्तन से जुड़े समस्त कार्यों के लिए पूर्णतः उत्तरदायी होंगे और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध भी कार्यवाही की जा सकती है।

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