पूर्वोत्तर रेलवे में ‘नवजात शिशु देखभाल सप्ताह’ का आयोजन, बेबी किट वितरण और जागरूकता कार्यक्रम

पूर्वोत्तर रेलवे में ‘नवजात शिशु देखभाल सप्ताह’ का आयोजन, बेबी किट वितरण और जागरूकता कार्यक्रम
रितेश श्रीवास्तव-ऋतुराज
लखनऊ, 12 दिसंबर 2025।
पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में नवजात शिशु देखभाल सप्ताह के तहत बादशाहनगर स्थित मंडल चिकित्सालय में गुरुवार को विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नवजात शिशुओं को बेबी किट और डाइपर वितरित किए गए, साथ ही परिवारजनों को बच्चे की शुरुआती देखभाल से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
🔶 कार्यक्रम का उद्देश्य
इस सप्ताह का मुख्य लक्ष्य नवजात शिशुओं के परिवारों को
- सुरक्षित देखभाल
- स्वच्छता
- स्तनपान
- टीकाकरण
- त्वचा और संक्रमण सुरक्षा
जैसे अहम पहलुओं पर जागरूक करना है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि जन्म के शुरुआती 7–28 दिन बच्चे के जीवन के लिए अत्यंत संवेदनशील होते हैं, इसलिए इस अवधि में सही देखभाल और स्वच्छता अत्यंत जरूरी है।
🔶 महिला कल्याण संगठन की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम का नेतृत्व पूर्वोत्तर रेलवे महिला कल्याण संगठन लखनऊ की अध्यक्षा श्रुति गुप्ता ने किया। उन्होंने बेबी किट प्रदान करते हुए कहा कि संस्था का प्रयास है कि
“हर नवजात को जीवन की सुरक्षित शुरुआत मिले और हर परिवार के पास सही जानकारी पहुंचे।”
महिला समिति की टीम—सचिव स्मृति सचान, संयुक्त सचिव अदिति नंदा और अन्य सदस्य—पूरे कार्यक्रम में मौजूद रहीं और नवजात शिशुओं के परिजनों से संवाद किया।
🔶 चिकित्सा विभाग ने दी उपयोगी जानकारी
मंडल चिकित्सालय के डॉक्टरों और चिकित्सा अधिकारियों ने माता-पिता को निम्न विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया—
- नवजात की त्वचा की देखभाल
- स्वच्छता के मानक
- रात की नींद और दूध पिलाने का सही तरीका
- संक्रमण से बचाव
- समय पर टीकाकरण का महत्व
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक रमेश चंद्रा, अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक अनामिका सिंह सहित चिकित्सकों की टीम ने बताया कि रेलवे परिवारों को सुरक्षित मातृत्व और बाल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है।
🔶 पूरे सप्ताह चलेगी जागरूकता गतिविधियाँ
अस्पताल प्रशासन के अनुसार नवजात शिशु देखभाल सप्ताह के दौरान
- परामर्श शिविर
- स्वास्थ्य वार्ता
- माताओं के लिए प्रशिक्षण
- पोषण और स्तनपान सत्र
लगातार आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक माताओं तक सही जानकारी पहुँच सके।



