लखनऊ-पूर्वी विधायक तक पहुँची शिकायत तो आर आई का हटाया गया वार्ड- जाँच कर अधीक्षक को मिली

लखनऊ नगर निगम में कार्रवाई: विवादित कर निरीक्षक हटाया गया, जांच शुरू
पहले भी जोन-2 में रहते हुए शिकायतों में रहा घिरा, अब जोन-7 से हटाकर सख्ती
लखनऊ: नगर निगम में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एक कर निरीक्षक पर आखिरकार कार्रवाई की गई है। विभागीय जांच के आदेश के साथ उसे वर्तमान तैनाती से हटा दिया गया है। मामला सामने आने के बाद निगम प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
महिला की शिकायत के बाद खुला मामला
सूत्रों के मुताबिक लाल बहादुर शास्त्री वार्ड इंदिरानगर की एक महिला ने आरोप लगाया था कि संबंधित कर निरीक्षक द्वारा भवन कर से जुड़े मामलों में अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा था। साथ ही अवैध रूप से धन वसूली और परेशान करने जैसी शिकायत भी सामने आई थी।
पीड़ित ने पहले विभागीय स्तर पर शिकायत की, लेकिन सुनवाई न होने पर मामला जनप्रतिनिधि तक पहुंचा, जिसके बाद यह प्रकरण तेजी से आगे बढ़ा।
जोन-7 से हटाकर जांच के दायरे में
शिकायतों को गंभीर मानते हुए संबंधित कर निरीक्षक को जोन-7 के लाल बहादुर शास्त्री वार्ड की जिम्मेदारी से हटा कर उसी कार्यालय में अटैच कर दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की जांच उसी दफ्तर के कर अधीक्षक अजीत राय को सौंप दी गई है, जिन्हें निर्धारित समय में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। अब देखना यह होगा को कर अधीक्षक की रिपोर्ट सही होती है या फिर मैनेजमेंट का पावर होगा हावी-हलाकि विधायक ने कहा है कि यदि सच्चाई के साथ जाँच नही हुई तो जाँच अधिकारी के खिलाफ भी कार्यवाई के लिए नगर आयुक्त को पत्र लिखा जाएगा
पहले भी विवादों में रहा नाम
जानकारी के अनुसार यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले जब संबंधित निरीक्षक हरिशंकर पांडेय जोन-2 में तैनात था, तब भी स्थानीय लोगों और व्यापारियों द्वारा परेशान करने की शिकायतें सामने आई थीं। उसी दौरान विरोध बढ़ने पर उसे वहां से भी हटाया गया था।
इसके बावजूद दोबारा तैनाती मिलने पर फिर से इसी तरह के आरोप सामने आना विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
पूर्वी विधायक ओपी श्रीवास्तव की शिकायत के बाद तेज हुई कार्रवाई
मामले में स्थानीय विधायक द्वारा नगर निगम प्रशासन को लिखित शिकायत भेजे जाने के बाद कार्रवाई तेज हुई। इसके बाद अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच कर तत्काल प्रभाव से निरीक्षक को हटाने का निर्णय लिया।
प्रशासन का सख्त रुख
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विधायक ओपी श्रीवास्तव का साफ संदेश : भ्रष्टाचार बिल्कुल बर्दाश्त नही
इस पूरे मामले पर जोंनल अधिकारी रामेश्वर प्रसाद का कहना है कि जाँच कर अधीक्षक को सौंपी गई है रिपोर्ट आने के बाद विभागीय कार्यवाई की जाएगी



