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योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: MSP पर गेहूं खरीद, छोटे शहरों के लिए 2916 करोड़ की योजना, उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर को मिली रफ्तार

लखनऊ | विशेष रिपोर्ट

योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: MSP पर गेहूं खरीद, छोटे शहरों के लिए 2916 करोड़ की योजना, उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर को मिली रफ्तार

की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के विकास को गति देने के लिए कई अहम फैसले लिए गए। द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक इन निर्णयों का सीधा असर किसानों, शहरी विकास, उद्योग, ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर पड़ेगा।


गेहूं खरीद नीति मंजूर: 25 मार्च से शुरू होगी खरीद

सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं खरीद नीति को मंजूरी दे दी है। इस बार किसानों से ₹2,585 प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जाएगा। खरीद 25 मार्च से 15 जून तक चलेगी। प्रदेशभर में 6,500 क्रय केंद्र बनाए जाएंगे।

कृषि मंत्री ने बताया कि खरीद लक्ष्य 30 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान करने की व्यवस्था की गई है। बटाईदार किसान भी पंजीकरण कर गेहूं बेच सकेंगे।


छोटे शहरों के विकास के लिए ‘नवयुग पालिका योजना’

प्रदेश के 58 नगर निकायों को विकसित करने के लिए ‘नवयुग पालिका योजना’ को मंजूरी दी गई है। इस योजना पर 5 साल में 2,916 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें नगर निगमों को छोड़कर नगर पालिका और नगर पंचायतों को शामिल किया गया है।

सरकार का फोकस इन शहरों में बेहतर बुनियादी ढांचा, डिजिटल सेवाएं और नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है, जिससे छोटे शहरों का भी संतुलित विकास हो सके।


उद्योगों को बढ़ावा: बिजनेस पार्क और प्लग-एंड-प्ले सुविधा

कैबिनेट ने निजी बिजनेस पार्क विकास योजना-2025 और प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक शेड्स योजना-2026 को मंजूरी दी है। इन योजनाओं के तहत उद्योगों को तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा, जिससे उत्पादन जल्दी शुरू हो सकेगा।

सरकार का मानना है कि इससे निवेश बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।


ग्रेटर नोएडा में बनेगा लॉजिस्टिक्स पार्क

ग्रेटर नोएडा में 174 एकड़ जमीन पर मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किया जाएगा। इस परियोजना में 1000 करोड़ रुपए से अधिक निवेश की संभावना है। परियोजना के लिए 30 प्रतिशत तक लैंड सब्सिडी दी जाएगी।


ऊर्जा और पर्यावरण: सोलर सिटी की ओर कदम

गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने के लिए चिलुआताल में 20 मेगावॉट का फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाया जाएगा। इससे हर साल करीब 33 मिलियन यूनिट हरित ऊर्जा का उत्पादन होगा।

इसके अलावा, कोल ब्लॉक विकास के लिए 2242 करोड़ रुपए की परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिससे सस्ती बिजली उत्पादन में मदद मिलेगी।


ट्रीटेड वॉटर पॉलिसी लागू

सरकार ने उपचारित जल के पुनः उपयोग के लिए नई नीति को मंजूरी दी है। इसके तहत ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल सिंचाई, उद्योग और निर्माण कार्यों में किया जाएगा। इससे भूजल पर दबाव कम होगा और जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।


इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती

राज्य में कई सड़क और पुल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

  • लखनऊ के दुबग्गा चौराहे पर फ्लाईओवर बनेगा
  • सिद्धार्थनगर में सड़क चौड़ीकरण
  • बलरामपुर में रेलवे ओवरब्रिज
  • सम्भल में धार्मिक परिक्रमा मार्ग का विकास

इन परियोजनाओं से यातायात सुगम होगा और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।


लखनऊ में बनेगा इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर

राजधानी लखनऊ में 10 हजार लोगों की क्षमता वाला इंटरनेशनल एग्जीबिशन और कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा। इसकी संशोधित लागत 1435 करोड़ रुपए तय की गई है।


हेरिटेज इमारतों का होगा विकास

लखनऊ की ऐतिहासिक इमारतों और को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।


अन्य प्रमुख फैसले

  • बागपत में चीनी मिल की क्षमता दोगुनी की जाएगी
  • ललितपुर में हेल्थ लैब और क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनेंगे
  • बुलंदशहर-खुर्जा विकास क्षेत्र में 14 गांव जोड़े जाएंगे
  • सम्भल में मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित होगा

कैबिनेट के इन फैसलों से साफ है कि सरकार का फोकस किसानों को लाभ देने, छोटे शहरों को विकसित करने, उद्योगों को बढ़ावा देने और इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने पर है। इन निर्णयों का असर आने वाले समय में प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार पर साफ दिखाई देगा।

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