लखनऊ-कुर्सी रोड पर बिना अनुमति खुदाई से छतिग्रस्त हुई बिजली लाइनें, बिल्डर पर मुकदमे के लिए विभाग ने दिया प्रार्थना पत्र

बिना अनुमति खुदाई से ढह गई 33KV और 11KV बिजली लाइनें, बिल्डर पर मुकदमे के लिए विभाग ने दिया प्रार्थना पत्र
रितेश श्रीवास्तव-ऋतुराज
लखनऊ: राजधानी में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। कुर्सी रोड स्थित सरगम अपार्टमेंट के पास एक व्यावसायिक प्लॉट पर बिना बिजली विभाग की अनुमति के की गई डबल बेसमेंट की खुदाई ने बड़ा खतरा पैदा कर दिया। खुदाई के दौरान इलाके की अंडरग्राउंड ट्रेंच लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे 33KV और 11KV की महत्वपूर्ण बिजली केबल टूटकर फेल हो गईं।
बिना NOC चल रहा था निर्माण कार्य
बताया जा रहा है कि यह पूरा निर्माण कार्य बिना वैध एनओसी (NOC) के कराया जा रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार खुदाई इतनी गहरी और असुरक्षित तरीके से की गई कि बिजली की हाई वोल्टेज लाइनें हवा में लटकने लगीं। हालात को देखते हुए इलाके में दहशत फैल गई और लोग इसे “मौत का झूला” कहने लगे।
मामले की गंभीरता सामने आने के बाद बिजली विभाग के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य रुकवाया। पिछले तीन दिनों से विभागीय टीमें लगातार मौके पर डटी हुई हैं और बिजली आपूर्ति को सुरक्षित बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं।
15 हजार लोगों की बिजली सप्लाई पर मंडराया संकट
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस लापरवाही से आसपास की बहुमंजिला आवासीय योजनाओं में रहने वाले करीब 15 हजार लोगों की बिजली सप्लाई प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया था। यदि समय रहते कार्रवाई न होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
LDA अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल-आया जवाब
इस पूरे मामले में LDA के विद्युत यांत्रिक विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि बिजली विभाग द्वारा कई बार सूचना और फोन किए जाने के बावजूद भी LDA के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। वही एलडीए का कहना है कि उक्त भूखंड पर निजी बिल्डर द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा था जिसकी वजह से ट्रंच लाइन ढह गई बिजली विभाग के नुकसान की भरपाई को लेकर एलडीए ने साफ कहा कि इसकी भरपाई बिल्डर से की जाए जबकि बिजली विभाग ने 3 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया है।
बिना अनुमति खुदाई के मामले में वाई to आर कंपनी पर FIR करा रहा बिजली विभाग

अब बिजली विभाग ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित बिल्डर और निर्माण कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। गुडंबा थाने में दिए गए प्रार्थना पत्र में विभाग ने बताया कि बिना अनुमति खुदाई के कारण सरकारी विद्युत संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है और आम जनता की सुरक्षा खतरे में पड़ी।
इन अधिकारियों ने दी थाने में तहरीर
एसडीओ 33KV सेक्टर-I राजकुमार यादव, 11KV जीपीआर के सहायक अभियंता सौरभ उपाध्याय, अवर अभियंता संदीप यादव और अवर अभियंता संजय यादव ने संबंधित कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सोशल मीडिया पर भी उठा मामला
समाजसेवी विवेक शर्मा ने भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस पूरे मामले को उठाते हुए अधिकारियों की लापरवाही उजागर की है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और बिल्डर पर कार्रवाई कब होगी, या फिर प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।



