लखनऊ की मेयर के आदेशों की अनदेखी पर घिरा नगर निगम, जोनल अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल
आपकीं कोई जोंनल नही सुनता मेयर साहिबा-अब क्या करेंगी आप आपके ही आदेशो को ठेंगा दिखा रहे जोंनल अधिकारी

‼️👉आपकीं कोई जोंनल नही सुनता मेयर साहिबा-अब क्या करेंगी आप आपके ही आदेशो को ठेंगा दिखा रहे जोंनल अधिकारी
‼️‼️मेयर के आदेशों की अनदेखी पर घिरा नगर निगम, जोनल अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल
‼️👉खासतौर पर जोन 3 के सचिवालय कालोनी वाली सड़क पर दर्जनो धुलाई सेंटर है फिर भी कार्यवाई नही
‼️रितेश श्रीवास्तव-ऋतुराज
लखनऊ: शहर में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। महापौर सुषमा खर्कवाल द्वारा नगर निगम सदन में दिए गए दो अहम निर्देशों का अब तक जमीनी स्तर पर पालन न होने से जोनल अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
महापौर ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जहां-जहां अवैध रूप से वाहन धुलाई केंद्र संचालित हो रहे हैं और पानी की बर्बादी की जा रही है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए। लेकिन हैरानी की बात यह है कि नगर निगम के जोन-1 से लेकर जोन-8 तक किसी भी जोन में अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। इससे साफ संकेत मिलता है कि निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
दूसरी ओर, शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए गठित 296 टीमों को ड्रेस कोड और गले में पहचान पत्र अनिवार्य रूप से पहनने के आदेश भी जारी किए गए थे, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और आम जनता को टीमों की पहचान में कोई समस्या न हो। लेकिन इन आदेशों का भी पालन नहीं हो रहा है, जिससे निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, कई स्थानों पर अतिक्रमण हटाने वाली टीमें बिना किसी पहचान के काम करती नजर आ रही हैं, जिससे आम नागरिकों में भ्रम और अविश्वास की स्थिति बन रही है। वहीं, अवैध वाहन धुलाई केंद्रों पर कार्रवाई न होने से पानी की बर्बादी लगातार जारी है।
ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या जोनल अधिकारी महापौर के आदेशों को दरकिनार कर रहे हैं या फिर प्रशासनिक स्तर पर समन्वय की कमी है। लगातार हो रही अनदेखी से न केवल शासन-प्रशासन की साख पर असर पड़ रहा है, बल्कि शहर की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
अब देखना होगा कि इस मामले में नगर निगम प्रशासन क्या कदम उठाता है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है या नहीं।



