Lucknow नगर निगम केंद्रीय कार्यशाला को लेकर उबाल आरआर परिसर में सैकड़ों कर्मचारी एकजुट, विश्वकर्मा भगवान के समक्ष उठाई हक़ की आवाज़

केंद्रीय कार्यशाला को लेकर उबाल
आरआर परिसर में सैकड़ों कर्मचारी एकजुट, विश्वकर्मा भगवान के समक्ष उठाई हक़ की आवाज़
लखनऊ। लखनऊ नगर निगम की केंद्रीय कार्यशाला (आरआर) को खाली कराए जाने और पेट्रोल पंप बंद किए जाने के फैसले के बाद कर्मचारियों में गहरा रोष व्याप्त है। सोमवार को इस मुद्दे को लेकर नगर निगम आरआर कर्मचारी संघ के नेतृत्व में सैकड़ों कर्मचारी गोमती नगर स्थित आरआर वर्कशाप परिसर में एकत्र हुए और कर्मचारियों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया।
कर्मचारी संघ के अध्यक्ष शैलेन्द्र तिवारी सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी विश्वकर्मा भगवान की मूर्ति के पास एकत्र हुए और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें सामने रखीं। कर्मचारियों ने कहा कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था तय किए केंद्रीय कार्यशाला को खाली कराने का आदेश न केवल कर्मचारियों के लिए, बल्कि नगर निगम की आवश्यक सेवाओं के लिए भी घातक साबित हो सकता है।
कर्मचारियों का कहना है कि महापौर द्वारा निरीक्षण के बाद परिसर में संचालित पेट्रोल पंप को अचानक बंद करा दिया गया, जिसके चलते आज कई निगम वाहन शहर के अलग-अलग हिस्सों में ईंधन के अभाव में खड़े नजर आए। इससे मोबाइल टॉयलेट, कूड़ा उठान, मार्ग प्रकाश और मरम्मत से जुड़े कार्य बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
आरआर परिसर में लगभग 250 कर्मचारी प्रतिदिन नगर निगम की महत्वपूर्ण मशीनरी और वाहनों का मेंटेनेंस संभालते हैं। कर्मचारियों ने सवाल उठाया कि जब वर्कशाप खाली करने को कहा जा रहा है तो इन कर्मचारियों और भारी मशीनरी को आखिर भेजा कहां जाए?
कर्मचारी संघ का यह भी कहना है कि जो वैकल्पिक स्थल सर्वोदय नगर में चिन्हित किया गया है, वह न केवल पूर्व स्थान से छोटा है, बल्कि वहां कब्रिस्तान भी स्थित है, जिससे कार्य करना असुरक्षित और अव्यवहारिक होगा। संघ ने मांग की कि कर्मचारियों को विश्वास में लेकर, पर्याप्त स्थान और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था के बाद ही किसी भी प्रकार का स्थानांतरण किया जाए।
विश्वकर्मा भगवान के समक्ष एकत्र कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं निकाला गया, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।



