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विकास प्राधिकरण के कर्मचारी निभा रहे ‘जयचंद ‘ की भूमिका

 

मथुरा। मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण से पूर्व नगरों, महानगरों में मकानों,वाणिज्य दुकानों का निर्माण करने के लिए विशेष मानक नहीं थे । औपचारिकताएं न के बराबर थी।
लेकिन मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के गठन के साथ ही औपचारिकताएं और निर्माण के मानदंड बढ़ गए। भवन निर्माण के मानचित्र स्वीकृति की फीस भी बढ़ गई। बिना स्वीकृत मानचित्र के एमवीडीए ने अपनी सीमा में निर्माण को अवैध घोषित कर दिया। लेकिन सूत्रों के अनुसार प्राधिकरण के कर्मचारी इसी की आड़ में अपनी जेबें भी भर रहे हैं। शहर या आसपास बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार ऐसे निर्माणों को कराने में प्राधिकरण के कर्मचारी ही ‘जयचंद’ की भूमिका निभा रहे हैं। यही लोग सौदेबाजी कर भवन निर्माताओं को सलाह भी दे आते हैं। मथुरा के गोपाल नगर ऐसे अवैध निर्माणों का खेल बडे स्तर पर चल रहा है।

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