12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल: बिजली निजीकरण के विरोध में देशभर में प्रदर्शन, लखनऊ में शक्ति भवन पर जुटेंगे कर्मचारी
रितेश श्रीवास्तव-ऋतुराज
लखनऊ, 12 फरवरी।
पावर सेक्टर के निजीकरण के विरोध में आज 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल आयोजित की जा रही है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम (PVVNL) और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम (DVVNL) के निजीकरण की प्रक्रिया के खिलाफ यह आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर का रूप ले चुका है।
बिजली कर्मियों का कहना है कि वितरण कंपनियों के निजीकरण से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत सेवाएं प्रभावित होंगी। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि निजीकरण से हजारों कर्मचारियों और संविदा कर्मियों की नौकरी असुरक्षित हो जाएगी।
इस हड़ताल को केवल उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मचारियों का समर्थन ही नहीं, बल्कि देशभर के बिजली कर्मचारी संगठनों, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों का भी समर्थन प्राप्त है। आंदोलनकारियों का दावा है कि करोड़ों किसान और मजदूर भी कार्य बंद कर इस विरोध में शामिल हो रहे हैं।
राजधानी लखनऊ में दोपहर 12 बजे शक्ति भवन मुख्यालय पर एकत्र होने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। लखनऊ स्थित सभी कार्यालयों के कर्मचारी, संविदा कर्मी, जूनियर इंजीनियर और अभियंताओं से समय पर पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की गई है।
संघ पदाधिकारियों ने इसे “अधिकारों और सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा की लड़ाई” बताया है। उनका कहना है कि यदि सरकार ने निजीकरण की प्रक्रिया वापस नहीं ली तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
वहीं, आम जनता की नजर इस बात पर है कि हड़ताल का बिजली आपूर्ति पर कितना असर पड़ेगा और प्रशासन इससे निपटने के लिए क्या व्यवस्था करता है।
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