आधा अधूरा अतिक्रमण हटा, कूड़ा रह गया! क्या नगर निगम का अभियान सिर्फ चालान तक सीमित है?

लखनऊ। नगर निगम लखनऊ द्वारा शहरभर में अतिक्रमण हटाओ अभियान लगातार चलाया जा रहा है। मंगलवार को जोन-4 के इंदिरा नगर मेट्रो स्टेशन की ओर कार बाजार क्षेत्र में जोनल अधिकारी शिल्पा कुमारी के नेतृत्व में अभियान चलाया गया, जिसमें कई दुकानदारों से लगभग 1 लाख 50 हजार का जुर्माना वसूला गया।
लेकिन अभियान के बाद एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया। जिस स्थान पर अतिक्रमण हटाया गया, वहीं एक पेड़ के नीचे कूड़े का ढेर और देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां पड़ी रहीं। मौके पर जोन-4 की सफाई टीम और सफाई निरीक्षक भी मौजूद थे, लेकिन उनका पूरा ध्यान केवल चालान की कार्रवाई तक ही सीमित दिखाई दिया। अभियान समाप्त हो गया, मगर गंदगी वहीं की वहीं रह गई।
ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ सफाई कराना भी नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है? यदि अतिक्रमण हटने के बाद उसी स्थान की तत्काल सफाई करा दी जाए, तो क्षेत्र न केवल अतिक्रमण मुक्त बल्कि स्वच्छ भी दिखाई देगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम के ऐसे अभियानों में प्रवर्तन और सफाई विभाग की संयुक्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि हटाए गए अतिक्रमण वाले स्थानों को साफ-सुथरा बनाकर नागरिकों को बेहतर वातावरण मिल सके। जब कार्रवाई के लिए पूरी टीम मौके पर मौजूद थी, तो फिर सफाई क्यों नहीं कराई गई? यही सवाल अब क्षेत्र के लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
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