अलीगंज अग्निकांड में एलडीए का बड़ा एक्शन, 18 इंजीनियरों समेत तत्कालीन विहित प्राधिकारी पर लटकी तलवार

अलीगंज अग्निकांड में एलडीए का बड़ा एक्शन, 18 इंजीनियरों समेत तत्कालीन विहित प्राधिकारी पर कार्रवाई की संस्तुति
लखनऊ। अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित भवन में हुए भीषण अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए तत्कालीन विहित प्राधिकारी, पांच जोनल अधिकारियों और 18 अभियंताओं की जिम्मेदारी तय की है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने प्रारंभिक जांच के आधार पर सभी दोषी अधिकारियों और अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए शासन को विस्तृत रिपोर्ट भेज दी है।
उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने मामले से जुड़ी फाइलों की स्वयं समीक्षा की। जांच में भवन के आवंटन, रजिस्ट्री, मानचित्र स्वीकृति और निर्माण प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं का परीक्षण किया गया। साथ ही यह भी देखा गया कि अवैध निर्माण को रोकने और मानचित्र उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई करने में किन अधिकारियों ने अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जिस भवन का मानचित्र एकल आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत था, वहां लंबे समय से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रभावी निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई नहीं की गई, जिससे मानचित्र उल्लंघन और अवैध निर्माण वर्षों तक जारी रहा।
जांच में तत्कालीन विहित प्राधिकारी दुर्गेश श्रीवास्तव की भूमिका को भी गंभीर माना गया है। अभिलेखों के अनुसार उन्होंने वर्ष 2016 में भवन के विरुद्ध ध्वस्तीकरण आदेश पारित किया था, लेकिन बाद में उसे समाप्त कर दिया गया। इसके बाद भवन की स्थिति और उपयोग की दोबारा जांच न कराए जाने पर भी सवाल उठे हैं।
एलडीए द्वारा शासन को भेजी गई रिपोर्ट में तत्कालीन विहित प्राधिकारी दुर्गेश श्रीवास्तव, पूर्व अधिशासी अभियंता अवनीन्द्र सिंह, बी.पी. मौर्य, पी.सी. पांडेय और आनंद मिश्रा सहित कई सहायक एवं अवर अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है। एलडीए का कहना है कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


