अलीगंज अग्निकांड के बाद अब LDA छान मरेगा कोचिंग सेंटर से लेकर होटल रेस्तरां-आवासीय प्रॉपर्टी पर कमर्शियल काम अब होगी जांच
अलीगंज अग्निकांड के बाद एलडीए अलर्ट, कोचिंग सेंटरों से लेकर होटलों तक होगी व्यापक जांच

अलीगंज अग्निकांड के बाद एलडीए अलर्ट, कोचिंग सेंटरों से लेकर होटलों तक होगी व्यापक जांच
लखनऊ। अलीगंज क्षेत्र में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शहर में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करने का फैसला किया है। एलडीए उपाध्यक्ष ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर विशेष जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए।
एलडीए की ओर से शुरू किए जा रहे इस अभियान के तहत कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी, होटल, नर्सिंग होम और अन्य ऐसे संस्थानों की जांच की जाएगी, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन रहता है। विशेष ध्यान उन प्रतिष्ठानों पर रहेगा जो आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के लिए संचालित किए जा रहे हैं।
बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि शहर के सभी जोनों में बुधवार से अभियान शुरू कर भवनों की सुरक्षा व्यवस्था, स्वीकृत मानचित्र के अनुपालन और अग्निशमन मानकों की जांच सुनिश्चित की जाए। यदि किसी भवन में मानकों के विपरीत निर्माण या संचालन पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए भवन को सील किया जा सकता है।
उपाध्यक्ष ने कहा कि जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि भवनों में अग्निशमन उपकरण उपलब्ध हैं या नहीं, आपातकालीन निकास की व्यवस्था है या नहीं तथा भवन स्वीकृत नक्शे के अनुरूप संचालित हो रहा है या नहीं। इसके साथ ही विद्युत सुरक्षा और पार्किंग प्रबंधन जैसे पहलुओं की भी समीक्षा की जाएगी।
एलडीए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी।
संचालकों को किया जाएगा जागरूक
विशेष अभियान के साथ-साथ एलडीए कोचिंग संस्थानों, नर्सिंग होम और होटल संचालकों के साथ बैठकें भी आयोजित करेगा। इन बैठकों में सुरक्षा मानकों, अग्निशमन व्यवस्थाओं, आपातकालीन निकास, स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप निर्माण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी देकर संचालकों को जागरूक किया जाएगा।
एलडीए का मानना है कि नियमित निगरानी और सुरक्षा मानकों के सख्त अनुपालन से भविष्य में किसी भी संभावित दुर्घटना की आशंका को काफी हद तक कम किया जा सकता है।


