उत्तर प्रदेशलखनऊ

UP परिवहन:अब 5 नहीं, 3 सदस्यों की होगी आर्बिट्रेशन समिति—ड्राइवर-परिचालकों के मामलों का और तेजी से होगा निस्तारण

| परिवहन विभाग का बड़ा फैसला

अब 5 नहीं, 3 सदस्यों की होगी आर्बिट्रेशन समिति—ड्राइवर-परिचालकों के मामलों का और तेजी से होगा निस्तारण

लखनऊ, 19 मार्च 2026। ने चालकों और परिचालकों के मामलों को तेजी से निपटाने के लिए बड़ा बदलाव किया है। अब आर्बिट्रेशन (विवाद निपटान) समिति में 5 की जगह सिर्फ 3 सदस्य होंगे।

परिवहन राज्यमंत्री ने बताया कि पहले समिति में ज्यादा सदस्य होने के कारण मामलों के निस्तारण में देरी हो रही थी। कई प्रकरण लंबे समय तक लंबित रहते थे, जिससे कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब कम सदस्यों के साथ फैसले जल्दी लिए जा सकेंगे और प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी।

👉 क्या बदला?

  • पहले: 5 सदस्यीय समिति
  • अब: 3 सदस्यीय समिति
  • क्षेत्रीय प्रबंधक के साथ 2 अन्य अधिकारी शामिल होंगे

सरकार का मानना है कि इस बदलाव से संविदा ड्राइवरों और परिचालकों के अनुबंध से जुड़े विवाद जल्द सुलझेंगे और उन्हें राहत मिलेगी। साथ ही विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता भी बढ़ेगी और निर्णय लेने की प्रक्रिया सरल होगी।

👉 आसान भाषा में समझें:
अब फैसले लेने वाली टीम छोटी कर दी गई है, ताकि काम जल्दी हो और ड्राइवर-परिचालकों को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। इससे विभाग में लंबित मामलों का बोझ भी कम होगा और कर्मचारियों का भरोसा सिस्टम पर और मजबूत होगा।

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