लखनऊ

हुसैनाबाद में तैयार ‘लखनऊ म्यूजियम ऑफ हेरिटेज एंड आर्ट’, 1 मार्च से जनता के लिए खुलेगा

लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने किया निरीक्षण

हुसैनाबाद में तैयार ‘लखनऊ म्यूजियम ऑफ हेरिटेज एंड आर्ट’, 1 मार्च से जनता के लिए खुलेगा

रितेश श्रीवास्तव-ऋतुराज
लखनऊ। नवाबी शहर की सांस्कृतिक पहचान को नया आयाम देने जा रहा है Lucknow Museum of Heritage and Art। हुसैनाबाद क्षेत्र में बना यह आधुनिक संग्रहालय अब पूरी तरह तैयार है और 1 मार्च 2026 को लोकार्पण के बाद आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
इस म्यूजियम का निर्माण Lucknow Development Authority (एलडीए) ने लगभग 4973 वर्गमीटर क्षेत्रफल में कराया है। करीब 41.43 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह इमारत अपनी अनोखी बनावट के कारण खास चर्चा में है।
🔹 45 मीटर लंबा कैंटीलीवर, बिना पिलर के
यह प्रदेश की पहली ऐसी आइकॉनिक इमारत बताई जा रही है, जिसमें 45 मीटर लंबा कैंटीलीवर बिना किसी कॉलम या पिलर के सहारे बनाया गया है। भवन की डिजाइन इसे शहर की नई पहचान देने वाली है।

🔹 अवध की संस्कृति एक छत के नीचे


म्यूजियम में अवध की ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के जरिए पेश किया गया है। यहां अलग-अलग थीम पर आधारित गैलरियां बनाई गई हैं, जैसे —
‘मूल धारा’, ‘हुनर का सफर’, ‘हस्तशिल्प’, ‘सांझी आस्था’, ‘गंगा-जमुनी तहजीब’, ‘कारीगरी’, ‘महफिल-ए-अवध’, ‘नृत्यकला’, ‘नाट्यशाला’, ‘सोच एवं संवाद’ और ‘जायका-ए-अवध’।
इन गैलरियों के माध्यम से दर्शक अवध की परंपराओं, कला, संगीत, खानपान और कारीगरी को करीब से महसूस कर सकेंगे।

🔹 वीआर गेमिंग एरीना भी आकर्षण


म्यूजियम में वीआर गेमिंग एरीना भी बनाया गया है, जहां लोग आधुनिक तकनीक के जरिए इतिहास को नए अंदाज में जान पाएंगे।

🔹 पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

निरीक्षण के दौरान एलडीए उपाध्यक्ष Prathamesh Kumar ने बताया कि इस म्यूजियम का उद्देश्य लखनऊ की समृद्ध विरासत को संरक्षित करना और नई पीढ़ी से जोड़ना है। साथ ही इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय कारीगरों व हस्तशिल्प को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
मौके पर एलडीए के कई वरिष्ठ अधिकारी और अभियंता मौजूद रहे।
👉 कुल मिलाकर, यह म्यूजियम लखनऊ की ऐतिहासिक पहचान और आधुनिक सोच का खूबसूरत संगम बनने जा रहा है।

Related Articles

Back to top button