लखनऊ में हाईप्रोफाइल साइबर अटैक: एलडीए उपाध्यक्ष का मोबाइल हैक, IAS-PCS अधिकारियों से मांगे गए पैसे

लखनऊ में हाईप्रोफाइल साइबर अटैक: एलडीए उपाध्यक्ष का मोबाइल हैक, IAS-PCS अधिकारियों से मांगे गए पैसे
लखनऊ में साइबर अपराध का एक बड़ा मामला सामने आया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार का निजी मोबाइल नंबर 18 फरवरी को हैक कर लिया गया। हैकर ने उनके नंबर से 40 से अधिक IAS और PCS अधिकारियों को मैसेज और QR कोड भेजकर ₹20,000 से ₹48,000 तक तत्काल ट्रांसफर करने की मांग की।
QR कोड भेजकर मांगी रकम
मैसेज में लिखा गया कि दो दिन बाद पूरी रकम वापस कर दी जाएगी। हालांकि कई वरिष्ठ अधिकारी उपाध्यक्ष की कार्यशैली से परिचित थे। उन्हें संदेह हुआ और उन्होंने सीधे कॉल कर पुष्टि की। सतर्कता के चलते किसी भी अधिकारी ने पैसे ट्रांसफर नहीं किए और बड़ा आर्थिक नुकसान टल गया।
हैकर ने प्राधिकरण के वित्त नियंत्रक से भी ₹40,000 की मांग की, लेकिन समय रहते सच सामने आ गया।
डेढ़ घंटे तक हैकर के कब्जे में रहा नंबर
घटना की जानकारी मिलते ही उपाध्यक्ष ने संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार को सूचित किया। इसके बाद साइबर सेल और यूपी साइबर क्राइम टीम सक्रिय हुई। करीब डेढ़ घंटे तक मोबाइल नंबर हैकर के कंट्रोल में रहा, लेकिन रात लगभग 11 बजे के बाद टीम ने नंबर दोबारा सुरक्षित कर लिया। तकनीकी जांच में संदिग्ध की लोकेशन छत्तीसगढ़ क्षेत्र में ट्रेस की गई है और पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुटी है।
फर्जी फेसबुक आईडी से भी ठगी की कोशिश
इसी दौरान एलडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ज्ञानेंद्र वर्मा के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर भी ठगी का प्रयास किया गया। जालसाजों ने परिचितों से मोबाइल नंबर और पैसों की मांग की, लेकिन लोगों ने सीधे संपर्क कर पुष्टि की, जिससे फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया।
बड़ा सवाल: सिस्टम सुरक्षित या नहीं?
यह घटना बताती है कि साइबर अपराधी अब उच्च पदस्थ अधिकारियों को भी निशाना बना रहे हैं। हालांकि इस मामले में अधिकारियों की सतर्कता और त्वरित पुलिस कार्रवाई से कोई आर्थिक नुकसान नहीं हुआ, लेकिन यह चेतावनी जरूर है कि डिजिटल सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतना अब अनिवार्य हो गया है।



