लखनऊ

लोक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों के साथ 10 दिवसीय नि:शुल्क कार्यशाला का भव्य समापन

लोक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों के साथ 10 दिवसीय नि:शुल्क कार्यशाला का भव्य समापन

लखनऊ, 22 जुलाई। संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से पंख एक पहल फाउंडेशन द्वारा गुरु नानक गर्ल्स इंटर कॉलेज, चंदन नगर, आलमबाग में आयोजित 10 दिवसीय नि:शुल्क लोक नृत्य कार्यशाला का बुधवार को भव्य समापन समारोह उत्साह और सांस्कृतिक रंगों के बीच संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती मनजीत कौर रहीं, जबकि वरिष्ठ गायिका सुश्री नीरजा श्रीवास्तव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। समारोह में संस्था के अध्यक्ष अविनाश सैनी, उपाध्यक्ष भरत मेहता, सचिव एवं प्रमुख गुरु सुश्री निधि श्रीवास्तव तथा दीपक सोनकर सहित विद्यालय की शिक्षिकाएं इंदरजीत, जसप्रीत और हरविंदर भी मौजूद रहीं।

कार्यशाला में 50 छात्राओं ने भाग लिया। समापन समारोह में छात्राओं ने राजस्थान, गुजरात, पंजाब और अवध के पारंपरिक लोक नृत्यों की आकर्षक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रंग-बिरंगी वेशभूषा, लोक संगीत और भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने भारतीय लोक संस्कृति की समृद्ध विरासत को जीवंत कर दिया।

मुख्य अतिथि मनजीत कौर ने छात्राओं की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय लोक कला और संस्कृति हमारी अमूल्य धरोहर है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने पंख एक पहल फाउंडेशन की इस पहल की प्रशंसा करते हुए इसे विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी बताया।

कार्यशाला का निर्देशन संस्था की सचिव एवं प्रमुख गुरु सुश्री निधि श्रीवास्तव ने किया। प्रशिक्षण में अनामिका यादव, दीपा श्रीवास्तव, अभय सिंह और विदुषी श्रीवास्तव ने सहायक प्रशिक्षकों के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम का संचालन हास्य कवि एवं उद्घोषक राजेन्द्र विश्वकर्मा ने किया, जबकि मंच व्यवस्था की जिम्मेदारी अर्श श्रीवास्तव ने सफलतापूर्वक निभाई।

समापन अवसर पर प्रतिभागियों एवं प्रशिक्षकों को स्मृति-चिह्न और प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। अंत में संस्था की ओर से सभी अतिथियों, विद्यालय परिवार, अभिभावकों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी भारतीय लोक कला एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित करने का संकल्प दोहराया गया।

Related Articles

Back to top button