विपरीत स्थितियों में संघ की स्थापना की थी डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार :अनिल
-जनमानस में चरित्र निर्माण,हिन्दुओं की शक्ति को किया संगठित
-राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने आयोजित की जन गोष्ठी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से रविवार को एक जन गोष्ठी सुशांत गोल्फ सिटी अंसल के एक निजी स्कूल में आयोजित हुई ,गोष्ठी के मुख्य वक्ता लखनऊ के विभाग प्रचारक अनिल जी रहे उन्होंने संघ की स्थापना काल से लेकर 100 वर्षों के सफर की वृहत विवेचना प्रस्तुत करते हुए कहा कि डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने सन 1925 में विपरीत स्थितियों में संघ की स्थापना इसीलिए की थी क्योंकि हमारे देश का हिन्दू जनमानस उस समय पराधीनता की बेडिय़ों में जकड़ा हुआ था। स्वबोध और स्वाभिमान सुप्तावस्था में चला गया था। उन्होंने जनमानस में चरित्र निर्माण और हिन्दुओं की शक्ति को संगठित किया ताकि भविष्य के देश को पराधीनता से छुटकारा दिलाया जा सके।
आज संघ का विस्तार हो चुका है,यह इसलिए संभव हुआ है क्योंकि संघ की विचारधारा में चरित्र निर्माण और व्यक्ति निर्माण के द्वारा सम्पूर्ण राष्ट्र को परम वैभव तक ले जाने का स्पष्ट और सार्थक उद्देश्य निहित है। आज समाज का हर व्यक्ति देश और समाज की विपरीत परिस्थितियों में संघ की ओर आशा भरी और सार्थक समाधान की निगाहें लगाये रहता है। संघ कार्य का विस्तार अनिल ने बताया कि आज संघ न केवल सम्पूर्ण देश, बल्कि विदेशों में भी ‘विश्व हिन्दू परिषद’ के प्रकल्प चला रहा है। आज भारत के 95 फीसदी जिलों में संघ की शाखाएं चल रही हैं। कुल 51,710 स्थानों पर लगभग 90,000 शाखाएं और 22,868 मिलन केंद्रों के माध्यम से संघ कार्य का देशव्यापी विस्तार हुआ है। हमारा मानना है कि हमारा राष्ट्र केवल पुरातन ही नहीं, अपितु चिरंतन राष्ट्र है। इस भूमि को मातृभूमि मानकर इसकी आराधना और सेवा में हम सभी स्वयंसेवक बने हुए हैं। कार्यक्रम में संघचालक डॉ देवेश कुमार,हेमनारायण पाठक,रामकरण,भूपेश दूबे,आरपी,विमल,रामगोपाल काका,अरविन्द त्रिपाठी,बागीश,आनंद,बहादुर देशवाल,सुनील पाण्डेय,विजय कुमार स्वर्णकार,मीना,ओमप्रकाश,अजीत राय समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे ।